Tuesday , December 19 2017

ऐस आई टी और फ़ासट ट्रैक अदालतें बनाने का मुतालिबा र‌द

* टीम अन्ना ने मनमोहन सिंह पर लगाए गएं इलजामों के सबूत पेश नहीं किए

* टीम अन्ना ने मनमोहन सिंह पर लगाए गएं इलजामों के सबूत पेश नहीं किए
नई दिल्ली। हुकूमत ने आज केबीनेट मंत्रीयों पर लगाए गएं करप्शन के इलजामों की जांच‌ के लिए ख़ुसूसी तहक़ीक़ाती(विशेष जांच) टीम (एसआईटी)बनाने और फ़ासट ट्रैक अदालतें बनाने के टीम अन्ना के मुतालिबे को र‌द कर दिया और कहा कि इसी तरह के मसलों से निमट्ने के लिए ये निज़ाम ही काफ़ी है।

अन्ना हज़ारे के पिछ्ले माह प्रधानमंत्री को लिखे गये खत‌ का जवाब देते हुए पीएमओ ने कहा कि समाजी कारकुन ने मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ कोयला के बलॉक खास‌ करने के माम‌ले में जो इल्ज़ाम लगाये हैं, इन का कोई सबूत पेश नहीं किया। मिनिस्टरओफ़स्टेट
पीएमओ मिस्टर वि नारायण सामी ने अन्ना हज़ारे को लिखे खत‌ में कहा कि करप्शन के इल्ज़ाम लगा कर‌ कोई सबूत पेश नहीं किए गए। इस के खिलाफ अन्ना हज़ारे ने लिखा कि वो इस तरह के इल्ज़ाम नही लगा रहे हैं।

इन का ये कहना था कि सीएजी रिपोर्ट जाहिर किये गए मुसव्वदे और मीडीया रिपोर्टों की बुनियाद पर वो प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ करप्शन के इल्ज़ाम लगा रहे हैं। नारायण सामी ने कहा कि हुकूमत ने मुतालिबा के मुताबिक़ एसआईटी बनाने और काइदें कानुन तैयार‌ करने के बारे में ग़ौर किया, लेकिन जो मसलें उठाए गए हैं, इन कि जांच के लिये पहले से हि काइदें कानुन‌ मौजूद है इसलिये अन्ना हज़ारे का मुतालिबा पुरा नहीं किया जासकता।

अन्ना हज़ारे और उन के क़रीबी साथीयों ने करप्शन के इल्ज़ाम की जांच‌ के लिए तीन रिटायर्ड (जजों) को शामिल‌ आज़ादाना एसआईटी बनाने का मुतालिबा किया था। उन्हों ने कहा था कि 15 बद उनवान मंत्रियोंन् के ख़िलाफ़ इल्ज़ामों की जांच इस एसआईटी के ज़रीये कराई जाये।

पीएमओ ने कहा कि हुकूमत मुख्तस‌ इदारों(वीशेष संस्थानों) जैसे इन्फ़ोर्समेन्ट‌ डायरेक्ट्रेट, सैंटर्ल बोर्ड ओफ़ डायरेक्ट टैक्सेस और
सीएजी के कामों में दख़ल नहीं देती। इस के इलावा सी बी आई और इस की कारकर्दगी के बारे में अन्ना हज़ारे कि सौच भी ग़लत है।

नारायण सामी ने कहा कि कोयला बलॉक तय करने के बारे में सीएजी की रिपोर्ट पार्लीमेंट में अभी तक पेश नहीं की गई और जब ये रिपोर्ट पेश होगी, उस वक़्त हुकूमत अपना जवाब दस्तूरी तरीका के मुताबिक़ पीएस को पेश करेगी।

उन्हों ने बताया कि चीफ़ वीजीलेन्स कमिशनर ने इस मामले में एक एमपी की शिकायत पर पहले ही सी बी आई को शुरुआती जांच‌ की हिदायत दे दी है। पीएमओ ने अन्ना हज़ारे के इस इल्ज़ाम को भी र‌द कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट, हाइकोर्ट और सीएजी ने कइ मर्तबा मंत्रीयों की ग़लतीयों पर इल्ज़ाम लगाये हैं।

नारायण सामी ने कहा कि ये इल्ज़ाम ग़ैर वाज़िह और नाक़ाबिल-ए-क़बूल है। उन्हों ने कहा कि हुकूमत ने कारकर्दगी में बेहतरी लाने के मक़सद से समाज के मुख़्तलिफ़ विभागों से ताल्लुक़ रखने वालों के मश्वरों को क़बूल किया है। उन्हों ने कहा कि हुकूमत करप्शन को कम करते हुए सुधार लाने के लिए अह्द कि पाबंद‌ है।

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