Monday , December 11 2017

ऑडिट में सामने आयी 30 करोड़ की गड़बड़ी

मुंसिपल कॉर्पोरेशन में गुजिशता तीन-चार माह से ऑडिट हो रहा है। रिपोर्ट में अब तक 30 करोड़ रुपये से ज़्यादा की इक़्तेसादी गड़बड़ी उजागर हुई है। रियासत हुकूमत से कॉर्पोरेशन को मिला 94.22 करोड़ भी खर्च नहीं हुआ है।

मुंसिपल कॉर्पोरेशन में गुजिशता तीन-चार माह से ऑडिट हो रहा है। रिपोर्ट में अब तक 30 करोड़ रुपये से ज़्यादा की इक़्तेसादी गड़बड़ी उजागर हुई है। रियासत हुकूमत से कॉर्पोरेशन को मिला 94.22 करोड़ भी खर्च नहीं हुआ है।

यह गड़बड़ी माली साल 2012-13 की है। अब तक कमिश्नर ने इस गड़बड़ी को संजीदगी से नहीं लिया है। यही वजह है कि कमिश्नर ने सिर्फ सीएफएल लगाने में हुई गड़बड़ी की रिपोर्ट ईजिनियर को दस्तयाब कराने को कहा है।

मुंसिपल कॉर्पोरेशन इलाक़े में 15 लाख व 10 लाख की मंसूबा हो या फिर अवामी मुफाद से जुड़ीं मंसूबा। तमाम जेरे गौर हैं। मेयर व शहर कमिश्नर के दरमियान तनाज़ा का भी यही वजह है। मेयर का इल्ज़ाम है कि कमिश्नर अवामी मुफाद की मंसूबा को पूरा करना नहीं चाहते हैं, तो कमिश्नर का इल्ज़ाम है कि मेयर काम करने में रुकावट डाल रहे हैं। दोनों के तनाजे में तरक़्क़ी में रुकावट हो रहा है।

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