ऑडियो से हुआ ख़ुलासा, फर्ज़ी है भोपाल एनकाउंटर

ऑडियो से हुआ ख़ुलासा, फर्ज़ी है भोपाल एनकाउंटर
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भोपाल: बुधवार को मारे गए सिमी सदस्यों पर उनके वकील ने सवाल उठाते हुए इस मुठभेड़ को फर्ज़ी बताया है |

इस घटना में सोमवार को भोपाल सेंट्रल जेल से फ़रार हुए कथित संदिग्ध सिमी के आठ सदस्यों को शहर बाहरी इलाक़े  में ‘तथाकथित’ मुठभेड़ में मारा गया था  | इस ‘तथाकथित’ मुठभेड़ पर पुलिस के दावों पर सवाल उठाते हुए एडवोकेट परवेज आलम ने संवाददाताओं से बात की|

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आठ आरोपी  एक साथ  जेल से फरार नहीं हो सकते हैं | उनका कॉल्ड ब्लेडड मर्डर किया गया है | इसको मुठभेड़ दिखाने के  लिए उनकी गोली मारकर हत्या की गयी है |

आलम ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि जेल से फ़रार होने के आठ घंटे बाद भी वो भोपाल से बाहर नहीं गये ? पुलिस से बचने और उसका ध्यान बटाने के लिए अलग अलग दिशाओं में जाने के बजाय वो सब एक ही दिशा में क्यूँ गये ? मुठभेड़ के दौरान वो सब एक जगह इकठ्ठा कैसे हो गये ?

आरोपियों के कमर के ऊपर गोलियां लगी हैं जबकि ये माना जाता है कि पुलिस कमर के नीचे गोली मारती है |उन्होंने आगे कहा कि पुलिस का कहना है कि 32 फुट ऊँची  जेल की चारदीवारी को फांदने के लिए 35 बैडशीट को बांध कर उनका सीढ़ी के तौर पर इस्तेमाल किया गया जबकि अंडर ट्रायल कैदियों को बैडशीट नहीं दी जाती है |उन्होंने मांग की है कि इसकी जाँच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट एक वर्तमान न्यायाधीश से करायी जाए | उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के न्यायधीश के बगैर इस घटना की निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती है |

इस बीच, मारे गए संदिग्धों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोलियों की संख्या दो से पांच बताई गयी है | गांधी मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग ने  बताया कि प्रत्येक के शरीर में  कम से कम दो गोलियां लगी हैं |रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ गोलियां सामने से और कुछ पीछे से लगी हैं|

इस घटना के बारे में पुलिसकर्मी और उनके सीनियर अधिकारियों के बीच चल रही बातचीत का एक ऑडियो वायरल हो गया है|  जिसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अपने मातहतों को आरोपियों को पकड़ने के बजाय आदेश दे रहा है कि सबको मार डालो | इस ऑडियो के वायरल होने के बाद शिवराज सिंह चौहान सरकार की सोशल मिडिया में बहुत आलोचना की जा रही है |

इस ऑडियो क्लिप में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को अपने मातहतों को यह कहते हुए साफ़ सुना जा सकता है, ‘सबको निपटा दो  घेर के पूरा कर दो काम तमाम | मतलब कि आला अफ़सर ने मौक़े पर मौजूद पुलिस टीम को सिमी कार्यकर्ताओं को मारने का हुक्म दिया | हालाँकि अभी तक मध्य प्रदेश पुलिस या सरकार ने इस ऑडियो की प्रामाणिकता पुष्टि नहीं की है |

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