Saturday , August 18 2018

ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिसे मुशावरत और इंडियन मुस्लिमस एक

हिंदुस्तानी मुसलमानों की नुमाइंदगी करनेवाली दो तंज़ीमों इंडियन मुस्लिमस और ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिसे मुशावरत का आज इंज़िमाम अमल में आया। मजलिसे मुशावरत के मर्कज़ी दफ़्तर पर मुशतरेका प्रेस कान्फ़्रेंस में ये ऐलान किया गया।

हिंदुस्तानी मुसलमानों की नुमाइंदगी करनेवाली दो तंज़ीमों इंडियन मुस्लिमस और ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिसे मुशावरत का आज इंज़िमाम अमल में आया। मजलिसे मुशावरत के मर्कज़ी दफ़्तर पर मुशतरेका प्रेस कान्फ़्रेंस में ये ऐलान किया गया।

सय्यद शहाबुद्दीन और मौलाना मुहम्मद सलीम क़ासिमी के ज़ेर क़ियादत उन तंज़ीमों में साल 2000 में अलाहिदगी हुई थी। दोनों तंज़ीमों को एक जगह करने के बरसों से कोशिशें जारी थीं। गुज़िशता चंद दिन के दौरान डा. ज़फ़र उल-इस्लाम ख़ान ने अहम रोल अदा करते हुए दोनों तंज़ीमों के इंज़िमाम की राहें हमवार कीं।

मौलाना सलीम क़ासिमी मुशावरत के सुप्रीम गाईडन्स कौंसल के चेयरमैन होंगे। मौलाना सलीम क़ासिमी की ज़ेर क़ियादत तंज़ीम को तहलील कर दिया गया और उन के सब से बड़े ग्रुप को मजलिसे मुशावरत में ज़म किया गया । प्रेस कान्फ़्रेंस में मौलाना मुहम्मद सलीम क़ासिमी सय्यद शहाबुद्दीन, मौलाना अहमद अली क़ासिमी मुफ़्ती अता अलरहमन क़ासिमी मौलाना जुनैद अहमद बनारसी डा. ज़फ़र उल-इस्लाम ख़ान और एजाज़ अहमद असलम मौजूद थे।

सदर मुशावरत डा.ज़फ़र उल-इस्लाम ख़ान ने इस इंज़िमाम को हिंदुस्तान की आज़ादी के बाद से मुस्लमानों की ज़िंदगी का अहम वाक़िया क़रार दिया। मजलिसे मुशावरत का क़ियाम 50 साल क़ब्ल अमल में आया था।

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