Thursday , September 20 2018

ओएनजीसी ने ईंधन संरक्षण पर जागरूकता पैदा करने के लिए 6 शहरों में साइक्लोथोन का आयोजन किया

नई दिल्ली। तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने ईंधन संरक्षण पर जागरूकता पैदा करने तथा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए छह मेट्रो शहरों में साइक्लोथोन का आयोजन किया। साइक्लोथोन का आयोजन नवंबर एवं दिसंबर, 2017 के दौरान देहरादून, अहमदाबाद, वडोदरा, कोलकाता, अगरतला एवं चेन्नई में किया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों के 5000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

ओएनजीसी ईंधन संरक्षण के महत्व के बारे में देश भर में संदेश फैलाने के लिए इस साइक्लोथोन सहित विभिन्न पहलों में सक्रियतापूर्वक भाग ले रही है। साइक्लोथोन के आयोजन के पीछे प्रेरणा ‘मन की बात‘ के जरिये माननीय प्रधानमंत्री का किया गया वह आह्वान है जिसमें उन्होंने प्रत्येक सप्ताह एक दिन के लिए स्वेच्छा से पेट्रोल एवं डीजल का उपयोग न करने की अपील की थी। इस अपील का उद्वेश्य इंर्धनों का संरक्षण करना था जो राष्ट्र निर्माण के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इस समारोह के जरिये साइक्लिंग को बढ़ावा देने के पीछे उद्वेश्य सामाजिक-पर्यावरणगत चेतना पैदा करना और ईंधन की बचत के लिए समर्थन हासिल करना है।

एक जिम्मेदार कंपनी होने के नाते, ओएनजीसी ने माननीय प्रधानमंत्री जी के विजन को साकार रूप देने के लिए छह नगरों में साइक्लोथोन का आयोजन करने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वाधान में पेट्रोलियम संरक्षण एवं अनुसंधान संगठन (पीसीआरए) के साथ साझीदारी की है। 5000 से अधिक नागरिकों ने प्रत्येक सप्ताह एक दिन के लिए स्वेच्छा से पेट्रोल एवं डीजल का उपयोग न करने तथा इंर्धन संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के महान मिशन को समर्थन देने का संकल्प लिया। राज्य पुलिस के अधिकारियों एवं जिला प्रशासन ने साइक्लोथोन के आयोजन को बेहद सफल बनाने में पूरा समर्थन दिया।

ओएनजीसी अपने संचालनों में कार्बन न्यूट्रैलिटी के मिशन को अर्जित करने के लिए कई पर्यावरण हितैषी कदम उठाने के मामले में अग्रणी रही है। कंपनी के पास एक समर्पित कार्बन प्रबंधन समूह है जो नियमित रूप से कंपनी के कार्बन फुटप्रिंट्स की निगरानी करता रहता है। आश्चर्यजनक रूप से ओएनजीसी की 15 परियोजनाओं को यूएनएफसीसीसी द्वारा स्वच्छ विकास तंत्र (सीडीएम) परियोजनाओं के रूप में दर्ज किया गया है जिनमें प्रति वर्ष 21,03,198 सर्टिफायड इमिशन रिडक्शन (सीईआर) की संभावना है जो उद्योग के लिहाज से एक अनोखा मानक (1 सीईआर -सीओ2 समरूप का 1 मीट्रिक टन) है। इसके अतिरिक्त, काम करने तथा आसपास के वातावरण की सुरक्षा करने के लिए ओएनजीसी ने व्यवसायगत स्वास्थ्य, सुरक्षित परिचालन एवं प्रदूषण के नियंत्रण पर फोकस करते हुए एक सुपरिभाषित एचएसई नीति अपनाई है।

पीसीआरए ने एक हरित वातावरण के लिए संरक्षण की विचारधारा अपनाने में देश के लोगों को संवेदनशील बनाने के लिए पूरे भारत में 76 नगरों में साइक्लोथोन के आयोजन के लिए एक अभियान चलाने की योजना बनाई है। इससे पूर्व, नवंबर 2017 में ओएनजीसी ने तेल क्षेत्र की दूसरी पीएसयू कंपनियों के साथ मिल कर पीसीआरए सक्षम पैदल दिल्ली साइक्लोथोन का आयोजन किया था जिसमें 5000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मुंबई में एक और मेगा साइक्लोथोन के आयोजन की योजना बनाई गई है जिसमें और अधिक संख्या में लोगों के भाग लेने की उम्मीद है।

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