Friday , December 15 2017

ओखी तूफान का कहर: अब तक 167 मछुआरे लापता, 39 लोगों की हो चुकी है मौत

नई दिल्ली। ओखी तूफान गुजरात पहुंचने से दो सौ किलोमीटर पहले ही कमज़ोर पड़ गया है हालांकि इसके असर से सूरत और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हो रही है।

मौसम विभाग के मुताबिक जिस तेजी के साथ तूफान के गुजरात से टकराने की आशंका थी वो अब खत्म हो गई है। ओखी की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की कुछ रैलियां रद्द कर दी गईं हैं और मछुआरों के लिए जारी की गई चेतावनी अभी वापस नहीं ली गई है।

मौसम विज्ञान विभाग के एक आधिकारिक बयान के मुताबिक चक्रवात ओखी ‘‘गहरे दबाव’’ के क्षेत्र में तब्दील हो चुका है और आज देर रात दक्षिण गुजरात में ‘‘दबाव’’ क्षेत्र के तौर पर दस्तक दे सकता है। गहरे दबाव का क्षेत्र सूरत से 240 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में स्थित है।

इससे पहले मौसम विभाग की तरफ से जारी बुलेटिन में बताया गया था, ‘‘इसके धीरे धीरे कमजोर होने का अनुमान है और पांच दिसंबर की रात तक यह सूरत के पास दक्षिण गुजरात और पड़ोसी महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों से गुजर सकता है।’’ प्रदेश के राजस्व विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार के अनुसार कम से कम नौ जिलों में सुबह से हल्की बारिश हुई है।

इससे पहले मुंबई में ओखी तूफान का असर मंगलवार को दिनभर देखने को मिला। सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण शहर की रफ्तार धीमी हो गई, लेकिन राहत की बात ये रही की इस पूरे तूफान में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

वहीं गुजरात के चुनावी अभियान पर भी तूफान ओखी का जबरदस्त असर हुआ। पहले दौर के चुनाव प्रचार के लिए गुरुवार तक का समय है, लेकिन बिगड़े मौसम ने दोनों पार्टियों को नई रणनीति बनाने को मजबूर किया है। प्रधानमंत्री की सूरत की रैली टल गई है।

वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को कहा है कि चक्रवाती तूफान ओखी के तमिलनाडु और केरल तटों से टकराने के बाद 39 लोग मारे गए और 167 मछुआरे अब भी लापता हैं जबकि 809 अन्य पानी के बहाव के साथ महाराष्ट्र तट पर पहुंच गए।

मंत्रालय में संयुक्त सचिव संजीव कुमार जिंदल ने यह भी कहा कि चक्रवात अब धीमा पड़ रहा है और गुजरात में इसका कोई असर नहीं होगा, जहां चार दिन बाद विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान होना है।

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