Tuesday , December 12 2017

ओपन यूनिवर्सिटी से डिग्री लेनेवाले तमिलनाडु और पुडुचेरी के 742 वकीलों की प्रैक्टिस पर प्रतिबंध

चेन्नई : मुक्त विश्वविद्यालयों की एमए डिग्री के आधार पर कानून की डिग्रियां हासिल करने वाले वकीलों को बार काउंसिल ऑफ तमिलनाडु और पुडुचेरी ने 742 वकीलों की प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्हें जारी किए जाने वाले कारण बताओ नोटिस का निपटारा होने तक वे प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।

यह फैसला कानूनी शिक्षा नियमों, 2008 के नियम 5 के आधार और मद्रास हाई कोर्ट द्वारा 25 अक्टूबर को दिए गए निर्णय की रोशनी में लिया गया है।

एजी विजय नारायण ने बताया कि कुछ वकीलों ने छठी, सातवीं और दसवीं कक्षा तक उत्तीर्ण नहीं की हैं, उन्होंने एमए की डिग्रियां हासिल कर ली हैं। अदालत उनकी डिग्रियां रद्द करने का निर्देश दिया था। इस तथ्य को जस्टिस एन. किरुबाकरन ने बेहद चौंकाने वाला करार दिया था।

गौरतलब है कि मद्रास हाई कोर्ट ने पिछले महीने तमिलनाडु बार काउंसिल और महाधिवक्ता (एजी) को 700 से ज्यादा ऐसे वकीलों की सदस्यता रद करने का निर्देश दिया था जिन्होंने मुक्त विश्वविद्यालयों की एमए डिग्री के आधार पर कानून की डिग्रियां हासिल की हैं।

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