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ओबामा की चुन चुन कर हलाकतों की पालिसी बुश से बदतर

वाशिंगटन 23 जनवरी (राइटर्स) सदर अमरीका बारक ओबामा की चुन चुन कर हलाक करने की पालिसी साबिक़ सदर जॉर्ज बुश से भी बदतर है। बर्तानिया के एक रोज़नामा की तजज़ियाती रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2004 में जॉर्ज बुश के दौर-ए-हकूमत में ग्वांताना

वाशिंगटन 23 जनवरी (राइटर्स) सदर अमरीका बारक ओबामा की चुन चुन कर हलाक करने की पालिसी साबिक़ सदर जॉर्ज बुश से भी बदतर है। बर्तानिया के एक रोज़नामा की तजज़ियाती रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2004 में जॉर्ज बुश के दौर-ए-हकूमत में ग्वांतानामोबे क़ैदख़ाना मैं क़ैदीयों पर तशद्दुद की तसदीक़ होने के बाद ये क़ैदख़ाना सदर बारक ओबामा के बरसर-ए-इक्तदार आने के बावजूद अब तक बरक़रार है।

ताहम इस सिलसिले में ओबामा इंतिज़ामीया ने अपनी एक ग़ैर मक़बूल तजवीज़ का मुसव्वदा तैय्यार किया है जो महिकमा इंसाफ़ के ओहदेदारों का तहरीर करदा है। इस में चुन चुन कर हलाक करने की पालिसी को जायज़ क़रार दिया गया है। रिपोर्ट के बमूजब चुन चुन कर हलाक करने की पालिसी में एसे अफ़राद को क़तल किया जाता है जो मैदान-ए-जंग से दूर हूँ।

इन अफ़राद को बम हमलों और कमांडोज़ की कार्यवाईयों के ज़रीया हलाक किया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ओबामा इंतिज़ामीया की चुन चुन कर हलाक करने की पालिसी के नतीजा में गुज़श्ता तीन साल के दौरान सिर्फ़ पाकिस्तान में 2200 अफ़राद हलाक किए जा चुके हैं। बर्तानवी रोज़नामा के बमूजब ज़्यादा तर वाक़ियात में सदर अमरीका ने ख़ुद लोगों के क़तल की शख़्सी तौर पर इजाज़त दी थी जैसा कि इन के पेशरू जॉर्ज डब्लयू बुश का भी तरीक़ा था।

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