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ओवैसी से खतरा !

पटना इंडिया न्यूज अपने खुसूसी शो ‘चुनावी चौराहा’ की इस कड़ी में जनता की नब्ज़ टटोलने के लिए पूर्णिया पहुंचा हैं. पूर्णिया 300 साल पुराना जिला है. मुगलों के दौर में ये अलग रियासत हुआ करता था. पूर्णिया हिंदी के बड़े मुसन्निफ फणीश्वर नाथ रेणु का भी आबाई जिला है.

पूर्णिया में विधानसभा की कुल सात सीटें हैं. 2010 के विधानसभा इंतेखाबात में तीन सीटों पर बीजेपी, दो सीटों पर जेडीयू, एक सीट पर आरजेडी और एक सीट पर कांग्रेस की जीत हुई थी. पूर्णिया से बीजेपी एमएलए राजकिशोर केशरी की साल 2011 में कत्ल के बाद उनकी बेवा किरण केशरी को पूर्णिया का एमएलए बनाया गया था.

आपको बता दें कि पूर्णिया में आखिरी यानि पांचवें मरहले में पांच नवंबर को इलेक्शन होगा. जिले में इस बार NDA और अज़ीम इत्तेहाद यानी महागठबंधन को टक्कर देने के लिए AIMIM के सदर अकबरुद्दीन ओवैसी ने भी इलेक्शन लड़ने का फैसला किया है. ओवैसी सीमांचल हल्के के चार जिलों अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, और कटिहार से इलेक्शन लड़ेंगे.

‍‍ बशुक्रिया : इंडिया न्यूज़

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