Friday , December 15 2017

ओहदों की बजाय अवाम के पीछे भागीं

पार्टी वर्कर होया क़ाइद(लीडर) को ज़िंदगी में कामयाबी उस वक़्त तक हासिल नहीं होसकती जब तक वो अवाम(लोग) की ख़िदमत को अपना शआर ना बनाए । अवामी ख़िदमत के ज़रीया ही पार्टी में इस को मुक़ाम हासिल होता है ।

पार्टी वर्कर होया क़ाइद(लीडर) को ज़िंदगी में कामयाबी उस वक़्त तक हासिल नहीं होसकती जब तक वो अवाम(लोग) की ख़िदमत को अपना शआर ना बनाए । अवामी ख़िदमत के ज़रीया ही पार्टी में इस को मुक़ाम हासिल होता है ।

इन ख़्यालात का इज़हार एमएल सी जनाब फ़ारूक़ हुसैन ने सदी पेट प्रेस कलब में आंधरा प्रद पश पार्टी इकलेती सिल कोआर्डीनेटर की हैसियत से नामज़द वहीद ख़ान के फ़ारूक़ हुसैन की जानिब( तरफ) से मुनाक़िदा तहनेती तक़रीब से ख़िताब करते हुए कहा के वहीद ख़ान ने इकलेती (कम )तबक़ा केलिए जो फ़लाह बहबूदी (अच कम )और उन के देराना हल तलब मसाइल की यकसूई(पूरा करना) दीगर जो काम अंजाम दिए हैं आज उन को ये मान समान ( उहदा )कांग्रेस पार्टी ने दिया है ।

उन्हों ने तमाम वर्कर्स से मुख़ातब होते हुए कहा के ओहदों के पीछे ना भागीं अवाम के पीछे भागीं उन की ख़िदमत अंजाम दें ओहदे ख़ुद तुम्हारे पीछे भाग कर आएंगे । कांग्रेस पार्टी समुंद्र है मायूस ना हो । वो ख़ुद अपनी मिसाल देते हुए कहा के में भी ओहदों के पीछे नहीं भागा मैं ने अपने मिशन(कम ) को जारी रखा और ना पार्टी बदली इस का नतीजा आज में इस मुक़ाम पर पहूँचा हूँ ।

सदर इकलेती सेल जनाब सिराज उद्दीन ने मेहमान ख़ुसूसी की हैसियत से शिरकत की । इस मौक़ा पर उन्हों ने ख़िताब करते हुए तेलगोदेशम पार्टी और टी आर एस पार्टी पर शदीद नुक्ता चीनी करते हुए कहा के ये दोनों जमाअतें सैकूलर ज़हनियत नहीं रखती हैं और ना अक़ल्लीयतों( कम तबका ) की हमदरद हैं । उन्हों ने कहा के तेलगोदेशम पार्टी में इकलेती तबक़ा का एमएल ए य एम पी नहीं है ।

टी आर एस पार्टी में भी कोई नहीं जो ये दोनों पार्टियां अक़ल्लीयतों के ताल्लुक़ से मगरमच्छ के आँसू बहाते हैं । अमली(अमल करने में ) मैदान में सिफ़र हैं । इस मौक़ा पर पी सी मैंबर गमपा महेंद्रा , अबदुलग़नी , अब्दुह लहा दी और फ़ख़्रउद्दीन , डी अनजया , टाउन परेसेडनट चप्पा दण्डी शिखर , वज़ीर उद्दीन साबिक़ कौंसिलर , इकलेती टाउन परेसेडनट , बदर उद्दीन ( बद्दू ) ने भी मुख़ातब किया । बादअज़ां वहीद ख़ान की बह कसरत गलपोशी और शाल पोशी की गई। ख़ास बात ये देखने में आई के भारी तादाद में हिन्दू मुस्लिम ख़वातीन भी जलसा तहनियत में शरीक रहे ।

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