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औरंगाबाद में आरक्षण के लिए निकाले गए मौन जुलूस में उमड़े लाखों मुस्लिम

औरंगाबाद। मुस्लिम समाज को आरक्षण की मांग को लेकर स्थानीय समाज की ओर से निकाले गए मौन जुलूस में भारी संख्या में समुदाय के लोगों ने शिरकत की। पूर्व में तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को आमखास मैदान से मौन जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचा। जुलूस में काफी संख्या में युवा उपस्थित थे तथा अपने हाथों में तिरंगा और नारे लिखे बैनर लिए हुए थे।

नारों में कह रहे हैं सरकार को, हक़ दे दे हक़दार को, आरक्षण हमारा नारा है, भारत देश हमारा है, एक ही मिशन मुस्लिम आरक्षण, शरीयत में हस्तक्षेप नहीं चाहिए, नजीब कहाँ है आदि मांगों को दर्शाया गया था। इस विशेष मौके के लिए स्थानीय शायर शमीम खान ने गीत लिखा था जो लोगों को आकर्षित कर रहा था।गीत के बोल थे कि बढे चलो चलो।

मौन जुलूस शहर के अलग अलग रास्तों से होते हुए संभागीय आयुक्त कार्यालय पर समाप्त हुआ। संभागीय आयुक्त डॉ. पुरुषोत्तम को जुलूस के जिम्मेदारों ने अपनी मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा जिसमें 15% आरक्षण के साथ अन्य मांगों का उल्लेख था। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि प्रदेश में मुसलमान आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े हैं, ऐसे में उनको आरक्षण दिया जाए। राज्य सरकार मुसलमानों के लिए आरक्षण प्रदान करने में विफल रही है।

जुलूस में शहर के सामाजिक संघटनों के पदाधिकारियों के साथ ही नामी हस्तियों, नेताओं एवम युवाओं और बुजुर्गों ने शिरकत की। आमखास मैदान में एक मंच बनाया गया था जहाँ वक्ताओं ने मौजूद लोगो को संबोधित किया। हालांकि कोई भी बड़ा वक्ता मंच पर नहीं बैठा। मंच का सञ्चालन अबूबकर रहबर ने किया।

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