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औरतों की समाजी तरक़्क़ी ज़रूरी: सोनिया गांधी

8 पालघर (महाराष्ट्र).

8 पालघर (महाराष्ट्र). 6 फरवरी (पी टी आई) कांग्रेस की सदर और यू पी ए चैर परसन सोनिया गांधी ने कहा कि ख़वातीन की समाजी तरक़्क़ी को यक़ीनी बनाने के लिए मर्कज़ की स्कीमों पर मोस्सर अमल तरीका-ए-कार ज़रूरी है। ख़वातीन और बच्चों की तरक़्क़ी के मक़सद से मंसूबे तैय्यार की गई हैं।

उन्होंने महाराष्ट्र में ख़वातीन से मुताल्लिक़ एक प्रोग्राम शुरू करते हुए कहा कि ख़वातीन की फ़लाह-ओ-बहबूद से लड़कीयों की सेहत पर अच्छा असर पड़ता है। इस सिलसिले में यू पी ए हुकूमत ने हाल ही में ख़वातीन के ख़िलाफ़ ज़ुल्म और ज़्यादतियों को ख़त्म करने के लिए एक आर्डीनैंस जारी किया है।

इस तरह के क़वानीन को सख़्ती से रुबे अमल लाते हुए घरेलू तशद्दुद पर क़ाबू पाया जा सकता है। माल में मुनासिब हक़ हो सकता है और मुक़ामी बलदयात में ख़वातीन के लिए सैक्योरिटी दिए जा सकते हैं। यहां क़ौमी बाल सेहत प्रोग्राम शुरू करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र के ज़िला थाने में बोलते हुए उम्मीद ज़ाहिर की कि क़ौमी देही सेहत मिशन के मक़ासिद से 27 करोड़ बच्चों को फ़ायदा होगा।

इस मंसूबे के तहत मोस्सर अमल तरीका-ए-कार और निगरानी को यक़ीनी बनाया जाएगा. ये मंसूबा मरहला वार तरीक़े से मुल्क भर में तमाम अज़ला का अहाता करेगा। सेहत के शोबे में सामने चैलेंजस, ख़वातीन और बच्चों की फ़लाह-ओ-बहबूद के लिए इक़दामात किए जा रहे हैं।

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