औवैसी का मुस्लिम सियासत करने के इल्ज़ाम से इनकार

औवैसी का मुस्लिम सियासत करने के इल्ज़ाम से इनकार
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पटना : आज एक टीवी चैनल के इंतिखाबी बहस प्रोग्राम में शामिल होने पटना पहुंचे ओवैसी ने लालू, नीतीश और नरेंद्र मोदी बिहार के जंग के तीनों बडे खिलाडियों पर निशाना साधा। उन्होंने इनके सामाजिक इंसाफ के दावे पर सवाल उठाये। ओवैसी ने खुले तौर पर भाजपा व आरएसएस को अपना दुश्मन नंबर वन बताया। आवैसी ने कहा है कि उनकी पार्टी सिर्फ मुसलिमों की सियासत नहीं करती है। उन्होंने मुसलिमों व दलितों के तरक़्क़ी की बात कही है। उन्होंने कहा है कि बिहार का सीमांचल इलाका सबसे पसमानदा है। लालू के वीटो के बाद ओवैसी ने उनसे अपने पुराने रिश्तों को याद किया। कहा, मैं तो उनके लिए दो बार बिहार में तशहीर कर चुका हूं और अगर वे इस पुराने अहसान को नहीं याद करना चाहते हैं तो मैं कुछ नहीं कहना चाहता हूं। ओवैसी ने कहा है कि उन पर वोट कटवा होने का इल्ज़ाम लगाना गलत है। वे तो तेलंगाना भी गये थे, वहां भाजपा को रोका और मुस्तकबिल में उत्तरप्रदेश भी जायेंगे।

एआईएमआईएम के एमपी असदुद्दीन ओवैसी का पटना में बिलकुल लालू अंदाज दिखा। जदयू के रियासती तर्जुमान डॉ.अजय आलोक को देखते ही उन पर पिल पड़े। बोले-आपने मुझ पर वजीरे आजम नरेंद्र मोदी से पैसे लेकर सीमांचल के जिलों में अपने उम्मीदवार उतारने का इल्ज़ाम लगाया था। बताएं कि मेरे पास कहां है नमो का पैसा? सबूत दें। मैं इन पैसों को जदयू के फंड में डाल दूंगा।’

कुछ दिन पहले अजय ने उन पर भाजपा व नरेंद्र मोदी से पैसे लेकर उम्मीदवार उतारने का इल्ज़ाम लगाया था। ओवैसी से कहा-ओवैसी साहब, जरा सवाल तो सुन लीजिए। ओवैसी ने उनको रोका। कहा-मेरा तो पटना आना कामयाब हो गया। यही जनाब थे। यही साहब मेरे ऊपर इल्ज़ाम लगा रहे थे।

अजय ने कुछ बोलना चाहा, तो ओवैसी ने टोका-सुनिए अभी। उस दिन से मेरे अंदर बहुत गुस्सा भरा है, पूरा निकाल तो लेने दीजिए। संचालक-आप तो केस करने की बात कर रहे थे। ओवैसी-वह तो करूंगा ही पर अभी बोलने दीजिए।

2005 में लालू यादव के लिए मैंने तशहीर भी किया था। तब मैं बुनियाद परस्त नहीं था। पटना हवाई अड्‌डा पर सहाफ़ियों के सवालों का जवाब देते हुए ओवैसी ने कहा कि आखिर मुझे वोटकटवा क्यों कहा जा रहा है? वोटकटवा की बात लालू प्रसाद के समधी यानी मुलायम सिंह यादव से क्यों नहीं पूछा जाता? बसपा से यह सवाल क्यों नहीं पूछा जाता? दूसरी तरफ राजद एमएलए दल के लीडर अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि साल 2005 में ओवैसी राजद के हक़ में तशहीर कर चुके हैं या नहीं, यह मुझे याद नहीं है।

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