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औक़ाफ़ी जायदादों के तहफ़्फ़ुज़ पर बहुत जल्द इजलास

डिप्टी चीफ मिनिस्टर जनाब मुहम्मद महमूद अली ने एलान किया कि औक़ाफ़ी जायदादों के तहफ़्फ़ुज़ के मसअले पर बहुत जल्द उल्मा, मशाइख़ और मुतवल्लियों के साथ इजलास मुनाक़िद किया जाएगा।

डिप्टी चीफ मिनिस्टर जनाब मुहम्मद महमूद अली ने एलान किया कि औक़ाफ़ी जायदादों के तहफ़्फ़ुज़ के मसअले पर बहुत जल्द उल्मा, मशाइख़ और मुतवल्लियों के साथ इजलास मुनाक़िद किया जाएगा।

अक़लीयती इदारों के दौरे के बाद अख़बारी नुमाइंदों से बात चीत करते हुए डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने कहा कि अक़लीयती बहबूद और अक़लीयतों की तालीमी और मआशी तरक़्क़ी हुकूमत की अव्वलीन तरजीह है। यही वजह है कि हुकूमत ने वाअदा के मुताबिक़ अक़लीयती बहबूद के लिए 1030 करोड़ रुपये का बजट मुख़तस किया है।

उन्हों ने बताया कि हर महीने में वो एक दिन हज हाउज़ में गुज़ारेंगे और अक़लीयती इदारों की कारकर्दगी का जायज़ा लेंगे। साथ ही साथ अवामी मसाइल की समाअत की जाएगी।

उन्हों ने कहा कि अक़लीयती इदारों में सुधार स्टाफ़ में डिसिप्लिन और वर्क कल्चर आम करना हुकूमत की दिलचस्पी है ताकि सरकारी स्कीमात पर शफ़्फ़ाफ़ियत के साथ अमल आवरी हो। उन्हों ने वज़ाहत की कि स्कीमात में किसी भी बेक़ाइदगी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्हों ने कहा कि अक़लीयती इदारों की अदम तक़सीम के बाइस बाअज़ मसाइल पैदा हुए हैं, लिहाज़ा इदारों की तक़सीम के बाद अक़लीयती इदारों पर बतौर ख़ास तवज्जा दी जाएगी और अवाम को स्कीमात के फ़वाइद पहुंचाने के इक़दामात किए जाएंगे।

उन्हों ने कहा कि वक़्फ़ बोर्ड की बालाई मंज़िलों में काफ़ी गुंजाइश है लिहाज़ा अक़लीयती तलबा के लिए वहां मुख़्तलिफ़ कोर्सेस में ट्रेनिंग प्रोग्राम्स मुनाक़िद किए जाएंगे। डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने इस एहसास का इज़हार किया कि अक़लीयती इदारों में मज़ीद सुधार की ज़रूरत है ताकि मुलाज़मीन में जवाबदेही का एहसास पैदा किया जा सके।

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