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कंटीली तारें, बैरिकेड्स और गूंगे पुलिस मुल़ाजिमीन

हैदराबाद, 15 जून -तेलंगाना जेएसी के `चलो असेम्बली' से निपटने के लिए पुलिस ने नाकाबंदी के नाम पर जैसे शहर की साँसें रोक-सी दीं। जिधर जाओ, कंटीले तार और बैरिकेड्स। `कहाँ जाएँ' का जवाब देने में `कंटीले तारों की हिफाज़त करने वाले पुलिस मुल़

हैदराबाद, 15 जून -तेलंगाना जेएसी के `चलो असेम्बली’ से निपटने के लिए पुलिस ने नाकाबंदी के नाम पर जैसे शहर की साँसें रोक-सी दीं। जिधर जाओ, कंटीले तार और बैरिकेड्स। `कहाँ जाएँ’ का जवाब देने में `कंटीले तारों की हिफाज़त करने वाले पुलिस मुल़ाजिमीन’ ना अहल दिखे। सिर्फ इशारों में कहा जाता रहा कि इधर नहीं जा सकते, इसके अलावा कहीं भी जाइए। लेकिन दूसरी जानिब भी `कहीं और’ जाने के लिए लौटने के अलावा सारे रास्ते बंद।

`चलो असेम्बली’ को पुलिस की इजाजत न दिये जाने के मुताल़िक बयान में पुलिस की जानिब से कहा गया था कि 2 किलोमीटर तक दफा 144 लगी रहेगी। लेकिन कई किलोमीटर तक नाकाबंदी का यह हाल रहा कि अहम सड़कों की ओर निकलने वाले सभी रास्ते सील मिले।

पुलिस का बंदोबस्त जुमेरात की रात से ही सख्त हो गया था। शहर में दाखिल होने के सभी शाहराहों पर नाकाबंदी कर दी गयी थी। इसके लिए 75 से अधिक चेकपोस्टों पर पुलिस ने निजी गाडियों को शहर में दाखिल होने से रोक दिया। सभी प्लाई ओवरों को भी सील कर दिया गया था। नामपल्ली, मल्लेपल्ली, खैरताबाद, आबिड्स, आदर्शनगर, बशीरबाग, पटेल नगर, तुरुप बाज़ार, बाज़ारघाट समेत आसपास के इल़ा के नागरिकों को जैसे उनके मुहल्लों में क़ैद कर दिया गया। अनिवार्य कार्यों के लिए बाहर निकलने के बाद कंटीले तारों, बैरिकेड्स और `कहीं और जाइए’ के टके से जवाबों ने उनका इस्त़कबाल किया। हिफ़ाज़त के लिए में तैनात पुलिस वालों रिएक्शन कुछ ऐसा था, जैसे वे गूंगे हैं और अवाम की रहनुमाई करने के बारे में वो कुछ भी नहीं जानते।

कुछ सड़कों पर ट्राफिक फेरबदल की वज्ह से भारी जाम की हालत बन गयी, तो कुछ सड़कों पर पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा रहा। विधानसभा की कार्यवाही मुअत्तल होने के बावजूद देर शाम तक विधानसभा जाने की सड़क को बंद रखा गया। इसके चलते यहाँ कर्फ्यू जैसा माहौल रहा। नामपल्ली स्टेशन जाने वाले मुसाफिरों के लिए भी रास्ता बंद रहा। मुसाफिरों को सामान लादे दूर तक पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा। तालीमी इदारों ने पहले से बंद रखने का एलान किया था, लेकिन सरकारी दप्तरों में बड़ी तादाद में मुल़ाजिमीन की ग़ैर ह़ाजिरी एक तरह से `चलो असेम्बली’ की हिमायत ही की।

कंटीली तारों ने कई जगहों पर लोगों को परेशान किया। कई जगह लोग उसके शिकार भी हुए, लेकिन उस्मानिया यूनिवर्सिटी के तुलबा ने उसका तोड़ निकाल लिया था, उन्होंने उन तारों को केबल वायरों से खींच निकाला।

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