Saturday , December 16 2017

कंपाउंडर ने खातून को बेहोशी का इंजेक्शन देकर किया इस्मतरेज़ि

अस्पताल में भरती एक शादीशुदा खातून को बेहोशी का इंजेक्शन देकर वहीं के कंपाउंडर पर उसकी अस्मत लूट लेने का इल्ज़ाम लगा है। इस मामले में पुलिस ने अस्पताल के कंपाउंडर रामकुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया है। मामला कांके थाना इलाक़े के अर

अस्पताल में भरती एक शादीशुदा खातून को बेहोशी का इंजेक्शन देकर वहीं के कंपाउंडर पर उसकी अस्मत लूट लेने का इल्ज़ाम लगा है। इस मामले में पुलिस ने अस्पताल के कंपाउंडर रामकुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया है। मामला कांके थाना इलाक़े के अरसंडे ब्लॉक रोड वाकेय कांके जेनरल अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर का है। खातून 23 अप्रैल को अपना इलाज कराने के लिए अस्पताल में भरती हुई थी। रात में तकरीबन 12.30 बजे उसके साथ इस तरह की शर्मनाक हरकत की गयी। वाकिया के बाद कंपाउंडर फरार हो गया, बाद में उसे गिरफ्तार किया गया।

अस्पताल पर पत्थरबाजी

इधर, वाकिया की इत्तिला पूरे इलाके में आग की तरह फैल गयी। इत्तिला मिलते ही मुतासिरा के अहले खाना समेत गाँव वाले और मुखतलिफ़ सियासी पार्टियों के लीडर अस्पताल पहुंच गये। गुस्साये गाँव वाले ने अस्पताल में हंगामा किया। वहीं अस्पताल पर पत्थर भी फेंके गये। लोग मुल्ज़िम को गिरफ्तार करने की मुताल्बा कर रहे थे। वाकिया और हंगामे की इत्तला मिलते ही देही डीएसपी मुकेश कुमार, इंसपेक्टर दिनेश कुमार गप्ता, एएसआइ रामप्रसाद साहू व सुखराम उरांव अस्पताल पहुंचे। पुलिस इंतेजामिया ने वहां हंगामा कर रहे लोगों को पुरअमन कराने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मान रहे थे। बाद में किसी तरह उन्हें पुरअमन कराया गया।

खातून की मेडिकल जांच हुई

पुलिस ने मुतासिरा से बयान लेने के बाद सनाह दर्ज की। वहीं उसे मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने वाकिया के मामले में मुतासिरा की वालिदा, शौहर और चाचा का भी फर्द बयान लिया। उसके बाद उसे साईं अस्पताल में भरती कराया गया। पुलिस ने मामले में फौरी कार्रवाई करते हुए शाम में अस्पताल के इंतेजामिया शंभू प्रसाद सिंह को हिरासत में ले लिया और कंपाउंडर के बारे में पूछताछ की। बाद में शंभू प्रसाद से फोन कर मुल्ज़िम राजकुमार महतो को थाने में बुलाया गया, जिसके बाद उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह ओरमांझी वाकेय सदमा जारा का रहनेवाला है। हालांकि बाद में अस्पताल के इंतेजामिया को छोड़ दिया गया।

सुबूत के साथ छेड़छाड़ का इल्ज़ाम

अहले खाना और गाँव वाले ने अस्पताल इंतेजामिया पर सुबूत के साथ छेड़छाड़ का इल्ज़ाम लगाया है। गाँव वालों का कहना है कि वाकिया के तुरंत बाद मुतासिरा का कमरा व बेडशीट क्यों बदला गया। मेडिकल जांच कराने में पुलिस इंतेजामिया ने देरी क्यों की।

मुतासिरा के अहले खाना ने कहा कि 20 अप्रैल को तेज बुखार होने की वजह खातून को अस्पताल में भरती कराया गया था। ठीक होने पर उसे 22 अप्रैल को अहले खाना छुट्टी करा कर घर ले गये। 23 अप्रैल को फिर से उसकी तबीयत खराब हो गयी। उसके बाद उसे फिर से अस्पताल में भरती कराया गया। मुतासिरा के मुताबिक उसी रात तकरीबन 12:30 बजे रामकुमार महतो कमरे में आया। उसने एक पुरजा देकर मेरी मां को दवा लाने के लिए भेज दिया। वालिदा के नीचे जाते ही उसने मुझे एक इंजेक्शन दिया, जिससे मैं सुस्त होने लगी। इसी दरमियान उसने जबरदस्ती की।

मैं बेक़सूर हूं
मैं बेकसूर हूं। खातून मुझे बेवजह फंसा रही है। मैं खातून के कमरे में रात में स्लाइन बदलने के लिए गया था। खातून मुझ पर गलत इल्ज़ाम लगा रही है।
राजकुमार महतो, कंपाउंडर

TOPPOPULARRECENT