Tuesday , September 25 2018

कई इलाकों में उग्रवादी नहीं जाने दे रहे उम्मीदवारों को,लोगों में दहशत

लोकसभा इंतिख़ाब को लेकर इंतिखाबी तबलिग ओरोज़ पर है। पर खूंटी लोकसभा हल्के के कर्रा, रनिया, तोरपा, कोलेबिरा, मुरहू, बंदगांव और बीरबांकी इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। एक -दो उम्मीदवारों को छोड़ कर इन इलाकों में इंतिख़ाब तबलिग करने कोई

लोकसभा इंतिख़ाब को लेकर इंतिखाबी तबलिग ओरोज़ पर है। पर खूंटी लोकसभा हल्के के कर्रा, रनिया, तोरपा, कोलेबिरा, मुरहू, बंदगांव और बीरबांकी इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। एक -दो उम्मीदवारों को छोड़ कर इन इलाकों में इंतिख़ाब तबलिग करने कोई उम्मीदवार नहीं जा पा रहा है। ज़्यादातर उम्मीदवार और उनके हिमायती इन इलाकों में जाने से डर रहे हैं। बताया जाता है कि उग्रवादी तंजीम पीएलएफआइ ज़्यादातर उम्मीदवार और उनके हिमायती को इन इलाकों में इंतिखाबी तबलिग करने से रोक रहा है। इन इलाकों में सिर्फ एक ही उम्मीदवार की तबलिग गाड़ी और उनके हिमायती को जाने की छूट मिली हुई है। खूंटी लोकसभा इलाक़े के दीगर कई इलाकों में उम्मीदवार और उनके हिमायती तबलिग करने तो जा रहे हैं, पर शाम होने से पहले जिला हेड क्वार्टर लौट जा रहे हैं।

शहरी इलाक़े और आसपास के गाँव वालों में उम्मीदवारों के इक्के – दुक्के गाड़ी ही दिखते हैं। पर शाम पांच बजे तक सभी तबलिग गाड़ी खूंटी या सिमडेगा लौट जाते हैं। उम्मीदवार कुछ ही कहने की हालत में नहीं हैं। पीएलएफआइ के उग्रवादी गांवों में जाकर लोगों पर एक उम्मीदवार के हक़ में वोट करने का दबाव बना रहे हैं। ऐसा नहीं करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, इंतेजामिया दावा कर रहा है कि उम्मीदवारों और उनके हिमायतों को पूरी सेक्युर्टी दी जा रही है। लेकिन आम आदमी के उम्मीदवार दयामनी बरला ने कमीशन को खत लिख कर कहा है कि खूंटी में माहौल खराब है, इसलिए आज़ाद वोटिंग मुमकिन नहीं है।

इस साल दो माह में ही हो चुकी हैं 15 कत्ल

अदाद से साफ है कि खूंटी जिला बनने के बाद वहां आम जुर्म से ज़्यादा कत्ल हुई हैं। गुजिशता पांच साल में 498 लोगों की कत्ल की गयी और इसी दौरान डकैती, लूट, चोरी व फिरौती के लिए यरगमाल की कुल 343 वारदात हुई।

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