Sunday , December 17 2017

कजरेवाल और भूषण के इल्ज़ामात ग़लत बे बुनियाद-ओ-हतक आमेज़

मेरा कारोबार बिलकुल शफ़्फ़ाफ़ । सयासी जमात केलिए सस्ती शौहरत हासिल करने की कोशिश। राबर्ट वॉड्रा का रद्द-ए-अमल

मेरा कारोबार बिलकुल शफ़्फ़ाफ़ । सयासी जमात केलिए सस्ती शौहरत हासिल करने की कोशिश। राबर्ट वॉड्रा का रद्द-ए-अमल

सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वॉड्रा ने डी अल एफ के साथ उन की जायदादों से मुताल्लिक़ मुआमलतों पर इल्ज़ामात को बिलकुल ग़लत बिलकुल बे बुनियाद और हतक आमेज़ क़रार देते हुए मुस्तर्द कर दिया और कहा कि उन्हें अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण की तरफ‌ से उन के और उन के ख़ानदान के इमेज को मुतास्सिर करने की कोशिश पर अफ़सोस हुआ है ।

ये सब कुछ सुस्ती शौहरत हासिल करने केलिए किया गया है । राबर्ट वॉड्रा ने अपने एक बयान में कहा कि वो एक ख़ानगी और क़ानून की पाबंदी करने वाले शहरी हैं जो पिछ्ले 21 साल से कारोबार में मसरूफ़ हैं। इन के ख़िलाफ़ केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने जो इल्ज़ामात आइद किए हैं वो झूटे बे बुनियाद और हतक आमेज़ हैं। वॉड्रा ने सियोल सोसायटी कारकुनों की तरफ‌ से उन पर आइद इल्ज़ामात के दो दिन बाद ये बयान जारी किया है ।

43 साला वॉड्रा ने कहा कि केजरीवाल और प्रशांत भूषण की तरफ‌ से उन के कारोबार से मुताल्लिक़ आदाद-ओ-शुमार को उम्दा ग़लत अंदाज़ में पेश किया गया है । इस कोशिश से उन्हें तकलीफ हुई है । ये कोशिश इन दोनों अपने लिए और अपनी नई क़ायम होने वाली जमात केलिए सस्ती शौहरत हासिल करने की कोशिश है । उन्हों ने कहा कि वो अपने कारोबार की तफ़सीलात से मुताल्लिक़ा सरकारी हुक्काम को वाक़िफ़ करवाते रहे हैं और इस में हर चीज़ वाज़िह है । ये अवामी मुशाहिदा केलिए भी दस्तयाब हैं और अगर कोई हक़ायक़ जानने इन का मुशाहिदा करना चाहे तो एसा करसकता है ।

वॉड्रा ने कल कहा था कि वो अपने कारोबार से मुताल्लिक़(संबंधित) मनफ़ी मुहिम से निमट सकते हैं। इस के एक दिन बाद उन्हों ने ये बयान जारी किया है। केजरीवाल ने पहले डी अल एफ की तरफ‌ से राबर्ट वॉड्रा को कीमती जायदादें कौड़ियों के मूल फ़रोख़त करने अपने इल्ज़ाम पर डी अल एफ की वज़ाहत को निस्फ़ सच्च और झूट क़रार दिया था । केजरीवाल ने अपने ट्वीटर पर कहा था कि डी एल एफ ने जवाब जारी किया है । ये निस्फ़ सच्च और झूट पर मबनी(आधारित) है ।

कई इत्तिलाआत(सूचनाओं ) को पोशीदा रखा गया है । उन्हों ने कहा कि हम कल एक जवाब दाख़िल करेंगे । उन्हों ने कहा कि लेकिन‌ वॉड्रा को अपने मौक़िफ़ का इज़हार करना चाहीए यह फिर डी अल एफ के जवाब को तस्लीम करना चाहीए । अगर वो ख़ुद बयान दें तो उसका ख़ैर मुक़द्दम(स्वागत) किया जाएगा । डी अल एफ ने अपने जवाब में इन इल्ज़ामात को खारिज कर दिया कि इस ने राबर्ट वॉड्रा को गैर महफ़ूज़ क़र्ज़ा जात जारी किए थे ।

डी एल एफ का कहना था कि वॉड्रा के साथ शख़्सी ताजिर की हैसियत से कंपनी की मुआमलतें शफ़्फ़ाफ़ हैं। कल एक बयान में कंपनी ने कहा था कि इस ने राबर्ट वॉड्रा को 65 करोड़ रुपय कारोबारी एडवांस के तौर पर जारी किए थे । इस में से 15 करोड़ रुपय वापिस हासिल होचुके हैं और 50 करोड़ रुपय एक अराज़ी की खरीद पर ख़र्च किए गए हैं। अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण की तरफ‌ से वॉड्रा को ग़ैर ज़रूरी फ़ायदा पहूँचाने के इल्ज़ाम को मुस्तर्द करते हुए डी एल एफ ने कहा कि ख़ुद कंपनी को ना किसी रियासती हुकूमत से गैर ज़रूरी फ़ायदा पहूँचा है और ना उसे दिल्ली हरियाणा यह राजिस्थान हुकूमतों की तरफ‌ से कोई अराज़ी अलॉट की गई है ।

डी एल एफ ने इस इल्ज़ाम की भी तरदीद की कि कंपनी ने वॉड्रा को बहुत‌ कीमती जायदादें कौड़ियों के दाम पर फ़रोख़त की हैं। राबर्ट वॉड्रा ने कल एक सोश्यल नेटवर्किंग साईट पर जवाब दिया था जिस में उन्हों ने कहा था कि वो इस मनफ़ी मुहिम से निमट सकते हैं। वो उस वक़्त भी सूरत-ए-हाल से निमटने में कामयाब रहे थे जब उन के अज़ीज़ों से महरूम होगए थे ।कांग्रेस तर्जुमान मनीष तिवारी ने राबर्ट वॉड्रा के कारोबार की तहकीकात के मुतालिबा को खारिज‌ करते हुए कहा था कि क्या दो ख़ानगी इदारों के माबेन कारोबारी मुआमलत की जांच होसकती है ? उन्हों ने केजरीवाल और प्रशांत भूषण को बी जे पी की बी टीम क़रार दिया था । कांग्रेस ने भी इन इल्ज़ामात को बे बुनियाद क़रार देते हुए खारिज‌ कर दिया है।

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