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कन्हैया के वालिदैन ने कहा, मेरे बेटे को दहशतगर्द न कहिए, वह देशभक्त है

बेगूसराय (नगर) : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद बेगूसराय में राजनीतिक सरगरमी तेज हो गयी है. एक बार फिर मास्को के रूप में पूरे देश में शुमार बेगूसराय का बीहट सुर्खियों में आ गया है. कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद पूरे बीहट के लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है.

कन्हैया के गांव बीहट मसनदपुर टोले से लेकर बेगूसराय के कार्यानंद भवन तक केंद्र सरकार के दमनात्मक रवैये के खिलाफ आवाज उठने लगी है. बेगूसराय के एआइएसएफ और एआइवाइएफ सहित अन्य वाम छात्र संगठनों का प्रतिरोध तेज होने लगा है. इसी क्रम में प्रलेस, जसम और जनवादी लेखक संघ के संयुक्त आंदोलन में प्रतिरोध मार्च शहर में निकाल चुके हैं.

कन्हैया का घर जिले के बीहट स्थित मसनदपुर टोला में है, जहां उनके लकवाग्रस्त पिता जयशंकर सिंह और आंगनबाड़ी सहायिका मां मीना देवी, कन्हैया के दो भाई मणिकांत व प्रिंस कुमार रहते हैं. पूरे देश में कन्हैया की गिरफ्तारी प्रकरण में हो रही वारदातों को इनके परिजन दुखी हैं. कन्हैया के परिवारवालों को न्यायालय पर पूरा भरोसा है. कन्हैया के मां-पिता व भाई का कहना है कि कन्हैया की देशभक्ति जल्द ही पूरे देश के सामने होगी.

कन्हैया के माता-पिता अपनी बदहाली भरी जिंदगी जी कर कन्हैया को बीहट से जेएनयू तक का सफर पूरा कराया. कन्हैया की मां मीना देवी का कहना है कि कन्हैया बचपन से ही चंचल स्वभाव का लड़का था. गांव के ही मध्य विद्यालय से पढ़ाई के बाद सनराइज पब्लिक स्कूल और फिर आरकेसी स्कूल, बरौनी से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की. फिर नालंदा ओपन से बीए और एमए की पढ़ाई के बाद जेएनयू में पीएचडी में दाखिला लिया है. कन्हैया के जेएनयू अध्यक्ष पद चयन पर पूरे गांव में खुशी थी.

लेकिन, गिरफ्तारी के बाद कन्हैया के नाम पर गांव दो हिस्सों में है. कन्हैया की मां अपने बेटे की गिरफ्तारी के बाद काफी दहशत में है. मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब देते-देते कन्हैया की मां और पिता काफी थक चुकी हैं. कोई अगर आतंकी की चर्चा कर देता है, तो कन्हैया की मां रो पड़ती है. और कहती है कि मेरे बेटे को आतंकी नहीं कहिए. वहीं कन्हैया के दोनों भाई मणिकांत और प्रिंस कहते हैं कि अगर मेरा भाई देशद्रोही होता, तो देश के अंदर उसके समर्थन में इतना बड़ा हुजूम नहीं होता.

जनप्रतिनिधि पहुंच रहे हैं कन्हैया के गांव : जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया का पैतृक गांव में देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और कई संगठनों के प्रतिनिधि पहुंच कर कन्हैया के परिजन से मुलाकात कर चुके हैं.

सांसद पप्पू यादव, जदयू नेता नीरज कुमार समेत अन्य कई नेता इस मौके पर पहुंच कर कन्हैया की गिरफ्तारी का विरोध कर चुके हैं. वाम दल से जुड़े छात्र प्रतिनिधियों का लगातार कन्हैया प्रकरण को लेकर धरना- विरोध प्रदर्शन जारी है. कन्हैया के परिजन समेत बीहट वासी व बेगूसराय के लोगों की निगाहें अब न्यायालय पर ही टिकी हुई है.

कन्हैया के घर पर चौकसी बढ़ी

बेगूसराय पुलिस प्रशासन ने कन्हैया के घर पर चौकसी बढ़ा दी है. हालांकि कन्हैया के परिजनों का कहना है कि उन्हें सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है. पूरा देश कन्हैया और हमलोगों के साथ है. कन्हैया के पिता का कहना था कि जब पटियाला कोर्ट हाउस में तैनात 400 पुलिस बल की तैनाती होने के बाद भी कन्हैया असुरक्षित है, तो फिर यह छह पुलिसकर्मी हमलोगों की क्या सुरक्षा कर पायेगी. वहीं अपने बेटे को लेकर चिंतित कन्हैया की मां एक बार फिर कहती है कि मेरे बेटे को फंसाया गया है.

भगवान और न्यायालय पर मुझे पूरा भरोसा है. मेरा बेटा निर्दोष होकर पुन: देश की सेवा में कार्य करेगा. पुलिस प्रशासन के अनुसार छह सदस्यीय पुलिस टीम को कन्हैया के पैतृक आवास व परिजनों की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया गया है.

 

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