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कब्रिस्तान, श्मशान, दीवाली और रमजान के नाम पर चुनाव देश के लिए खतरनाक है:जमाते इस्लामी

नई दिल्ली 05 मार्च: जमाते इस्लामी यह महसूस करती है कि अजीबेगरीब तहज़ीब से देश को नफ़रत की राह पर ले जाने की कोशिश की जा रही है।

इन्सानियत, सहिष्णुता और भाई चारा जैसी मान तेजी से दम तोड़ रही हैं, यह सूरत-ए-हाल सभी के लिए बेहद खतरनाक है और देश के संजीदा और फ़िक्रमंद शहरीयों के लिए लम्हा ए फ़िक्र है लेकिन इस का एक मुसबुत पहलू यह है कि अवाम का एक बड़ा तबक़ा उस के ख़िलाफ़ है और शरपसंद अनासिर मुट्ठी भर हैं।

इन ख़्यालात का इज़हार अमीर जमाते इस्लामी हिंद मौलाना जलालुद्दीन उमरी ने जमाते इस्लामी के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित माहाना प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए किया। अमीर जमात ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के पांच राज्यों में जारी चुनाव के दौरान कुछ राजनीतिक नेताओं और ख़ुद प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों ने जिस तरह नफ़रतअंगेज़ बयानात दिए इससे न सिर्फ जमहूरीयत को रौंदते हुए सरकारी ओहदे और मन्सब का विक़ार भी ख़राब हुआ है।

कब्रिस्तान और श्मशान और रमजान और दीवाली के नाम पर उन्होंने चुनाव को फिर्कावाराना ख़ुतूत पर तक़सीम करने की कोशिश की जो एक लोकतांत्रिक देश के लिए बेहद खतरनाक है मोलाना उमरी ने कहा कि जमाते इस्लामी हिन्द इलैकशन आयोग से मांग करती है कि देश के मुख़्तलिफ़ तबक़ात के बीच नफ़रत फैलाने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करे।

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