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कभी छिपाया था धर्म, शेख से बन गए थे शुभम ! अब हैं देश के सबसे युवा IAS

नई दिल्ली – UPSC के एग्जाम रिजल्ट में इस बार 1078 प्रतियोगी सफल हुयें है जिसमे 33 मुस्लिम है अगर पर्तिशत में बात की जाएँ तो सिर्फ़ 3से कुछ ज्यादा मुस्लिम प्रतियोगी कामयाब हो पायें है आईएस के एग्जाम में दूसरी रैंक कश्मीर के अतर आमिर उल शाफी ने हासिल की है जोकि कश्मीर के है .उन 33 सफल हुए प्रतियोगी मे 21 साल के अंसार अहमद शेख की जिन्होंने यूपीएससी में 361वीं रैंक लाकर सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है। अंसार अहमद शेख महाराष्ट्र के जालना जिले के शेरगांव के रहनेवाले हैं।

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पिता ऑटो ड्राइवर हैं. उन्होंने पुणे के फॉर्ग्यूसन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया और फिर यूपीएससी की तैयारी करने लगे। यूपीएससी की तैयारी के दौरान बहुत सारी परेशानियों से दो चार होना पड़ा. मुस्लिम होने की वजह से पुणे जैसे शहर में उन्हें किराए का मकान नहीं मिलता था। लेकिन नाम बदलते ही अंसार को घर मिल गया
लोग उसका नाम सुनते ही घर देने से मना कर देते थे। अंसार के दोस्त जो मजहब से हिंदू थे उन्हें आसानी से घर मिल गया। लेकिन अंसार को लगातार भटकने के बाद भी किराए का मकान नहीं मिला क्योंकि वह मुस्लिम था। किराए का घर ना मिलने से परेशान अंसार अहमद ने अपने हिंदू दोस्त का नाम उधार लिया। जब भी किराए का मकान ढूंढने जाते अपना नाम शुभम बताते। फिर क्या था। मजहब के नाम पर अंधे हो चुके लोग उसे अपने मजहब का मानने लगे और आराम से किराए का घर मिल गया। नाम बदलकर अंसार से शुभम बने अंसार ने जमकर मेहनत की और यूपीएससी में 361वीं रैंक हासिल की। यूपीएससी में सफलता हासिल करने के बाद अंसार अब कहते हैं कि अब सबको बताऊंगा कि मेरा नाम शुभम नहीं अंसार अहमद शेख है। उन्हें रंज तो है कि धर्म की वजह से उन्हें नाम तक उधार लेना पड़ा। लेकिन अब वो खुलकर कहना चाहते हैं कि वो शुभम नहीं अंसार हैं। अब अंसार कहते हैं कि उन्हें अब नाम बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब वह जोर से कहते हैं कि मेरा नाम अंसरा अहमद शेख है। अंसार कहते हैं कि मैं शुभम नहीं अंसार अहमद शेख ही हूं। एक अशांत परिवार से ताल्लुक रखने वाले शेख कहते हैं कि उनके पिता अहमद ऑटो रिक्शा चलाते हैं और तीन शादियां की हैं। वे उनकी मां को अक्सर पीटा करते थे और उनकी दो बहनों की शादी 14 और 15 साल की उम्र में ही हो गई। हालांकि अपनी मां और भाई की मदद से इन सभी चुनौतियों से पार पाते हुए उन्होंने लगातार 13 घंटे रोजाना पढ़ाई की और पहली ही बार में यूपीएससी परीक्षा में सफल रहे। अंसार को सबसे कम उम्र के IAS होने का भी गौरव प्राप्त हुआ है

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