Friday , December 15 2017

कमज़ोर कांग्रेस प ‘वार

चार रियासतों में असेंबली इंतिख़ाबात में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस क़ियादत पर हमला करते हुए यू पी ए की इत्तिहादी जमातें राकपा सरबराह शरद पवार ने आज कहा कि अवाम कमजोर हुकमराँ नहीं चाहते।

चार रियासतों में असेंबली इंतिख़ाबात में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस क़ियादत पर हमला करते हुए यू पी ए की इत्तिहादी जमातें राकपा सरबराह शरद पवार ने आज कहा कि अवाम कमजोर हुकमराँ नहीं चाहते।

अपने ब्लॉग में शरद पवार ने लिखा है , कांग्रेस और हम सब को मिल कर चार रियासतों में शिकस्त का जायज़ा लेना होगा। आख़िर कार नौजवान हम से नाराज़ क्यों है, इस का जवाब तलाश करना होगा। इसके इलावा मीडिया और सरकारी मशिनरी पर नई सियासी ताक़तों के असर पर भी ग़ौर करना ज़रूरी है।

शरद पवार ने कहा , चार रियासतों में करारी शिकस्त कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। कांग्रेस ही नहीं हमें भी उन नताइज के बारे में संजीदगी से सोचना होगा। इस हार में नौजवानों ने अहम किरदार अदा किया और उन के ग़ुस्से की वजह से ऐसे नताइज आये। इस से साफ़ हो जाता है कि फ़ैसले को लागू करने की सलाहियत होने के साथ जात को मज़बूत और फ़ैसलाकुन होना ज़रूरी है , क्योंकि लोगों को कमज़ोर हुकमराँ पसंद नहीं।

शरद पवार ने आगे लिखा है , इस इंतिख़ाब से यही सीख मिली है कि अगर हुकमराँ अवाम के मुफ़ाद में लिए फ़ैसले को लागू करने में नाकाम रहता है तो नई सियासी ताक़तें उभरेगी। इंदिरा गांधी एक मज़बूत लीडर थीं वो फ़ैसले लेती और उसे नाफ़िज़ भी करवाती। इस वजह से उन के दौर में ऐसी सियासी ताक़तें नहीं उभरी।
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शरद पवार ने लिखा , दिल्ली को हमेशा से ज़्यादा तवज्जे मिली है। यहां पर मर्कज़ी मंसूबों से से दीगर रियासतों के मुक़ाबले में मज़ीद सरमाया कारी हुई है। इस के साथ मर्कज़ी हुकूमत से इज़ाफ़ी मदद भी मिलती है। इन सरकारी मंसूबों का फ़ायदा उठाते हुए दिल्ली में एक नई किस्म तैयार हुआ

एन सी पी सरबराह ने केजरीवाल को चैलेंज देते हुए कहा, अरविंद केजरीवाल इंतिख़ाबात के दौरान वादा कर रहे थे कि अगर वो इक़तिदार में आते हैं तो प्याज़ और दीगर सब्ज़ियों की क़ीमत आधी हो जाएगी। ये कहना बहुत आसान है। दिल्ली में आज ये हालत है कि कोई भी पार्टी हुकूमत नहीं बना सकती। बी जे पी का हुकूमत ना बनाने का फ़ैसला समझदारी भरा है। ऐसा लगता है कि अगले 4-5 माह तक दिल्ली में सदर राज नाफ़िज़ रहेगा इस के बाद फिर से असैंबली के इंतिख़ाबात होंगे . इन इंतिख़ाबात के बाद आम आदमी पार्टी इक़तिदार में आ सकती है। में उन्हें चैलेंज देता है कि वो इक़तिदार में आने के बाद किस तरह से प्याज़ और दीगर सबज़ीयों के दाम कम करेंगे इस के बारे में बताएं।

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