Tuesday , December 12 2017

कमाल ग़नज़ोरी , मिस्र के नए उबूरी वज़ीर-ए-आज़म

क़ाहिरा 26 नवंबर (यू एन आई) मिस्र में तीन माह के अर्से पर मुहीत इंतिख़ाबी अमल का आग़ाज़ अमल में लाने के लिए हुकमरान फ़ौजी कौंसल ने हसनी मुबारक के अह्द के वज़ीर-ए-आज़म कमाल ग़नज़ोरी को उबूरी दौर की ग़ैर फ़ौजी हुकूमत का वज़ीर-ए-आज़म नामज़द किया

क़ाहिरा 26 नवंबर (यू एन आई) मिस्र में तीन माह के अर्से पर मुहीत इंतिख़ाबी अमल का आग़ाज़ अमल में लाने के लिए हुकमरान फ़ौजी कौंसल ने हसनी मुबारक के अह्द के वज़ीर-ए-आज़म कमाल ग़नज़ोरी को उबूरी दौर की ग़ैर फ़ौजी हुकूमत का वज़ीर-ए-आज़म नामज़द किया है।

 

हुकमरान फ़ौजी कौंसल की मुताल्लिक़ा अपील पर कमाल ग़नज़ोरी ने वज़ारत-ए-उज़मा का मंसब सँभालने की की पेशकश को क़बूल कर लिया है। वो 1996से 1999 तक मिस्र के वज़ीर-ए-आज़म रह चुके हैं। वज़ीर-ए-आज़म के मंसब को क़बूल करने से पहले उन्हों ने फ़ौजी कौंसल के सरबराह फ़ील्ड मार्शल मुहम्मद हुसैन तनतावी से भी मुलाक़ात की।

वो नए वज़ीर-ए-आज़म इसाम अबदालाज़ीर शरफ़ की जगह सँभालेंगे। मुज़ाहिरों की वजह से इसाम हुकूमत मुस्ताफ़ी हो चुकी है।दूसरी तरफ़ मुज़ाहिरीन ने ग़ैर फ़ौजी हुकूमत में तबदीली को क़बूल ना करते हुए आज जुमे के रोज़ एक और एहितजाजी रैली निकालने का ऐलान किया है जिस में मिस्र की मज़दूरों की आज़ाद तंज़ीम ट्रेड यूनीयन फ़ैडरेशन ने भी शिरकत का ऐलान किया है। दाएं बाज़ू की एक और लेबर यूनीयन भी आज की रैली में पूरी क़ुव्वत से शरीक है।

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