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कमिशनर बलदिया के ख़िलाफ़ अफ़ज़ल गंज पुलिस में मुक़द्दमा

हैदराबाद । ०४ । मई : ( सियासत न्यूज़ ) : बलदी मसाइल से बदहाल पुराने शहर की अवाम ने बलदिया की मुबय्यना लापरवाही से आजिज़ हो कर अब अपने मसाइल का हल ख़ुद तलाश करने का अमला आग़ाज़ करदिया है दीगर शहरीयों के मुमासिल गिनती में शुमार होने और सह

हैदराबाद । ०४ । मई : ( सियासत न्यूज़ ) : बलदी मसाइल से बदहाल पुराने शहर की अवाम ने बलदिया की मुबय्यना लापरवाही से आजिज़ हो कर अब अपने मसाइल का हल ख़ुद तलाश करने का अमला आग़ाज़ करदिया है दीगर शहरीयों के मुमासिल गिनती में शुमार होने और सहूलयात के ताल्लुक़ से सौतेले सुलूक का शिकार पुराने शहर के परेशान हाल शहरी अब बलदिया की लापरवाही के ख़िलाफ़ पुलिस से रुजू होने लगे हैं ।

हर सहूलत के बदल उस की भरपूर रक़म अदा करने वाली अवाम इन दिनों बलदी सहूलयात की अदम फ़राहमी के मसाइल का शिकार हैं अपने इलाक़ा के मसाइल की यकसूई उम्मीद से मुक़ामी सतह पर कामयाबी दिलाने वाले मुक़ामी क़ाइदीन पर भी अवाम को अब भरोसा नहीं रहा । और वो इन सफेदपोश लोकल क़ाइदीन की हरकतों से तंग आकर रास्त पुलिस से रुजू होने लगे हैं । एक ऐसे ही ताज़ा वाक़िया में अफ़ज़ल गंज पुलिस ने कमिशनर बलदिया के ख़िलाफ़ एक शिकायत दर्ज करली जो अमली बन के क़रीब वाक़िया शेवा जी बरीज के क़रीब वाक़िया डंपिंग यार्ड के ताल्लुक़ से दी गई शिकायत गुज़ार तो गट्टा इलाक़ा के साकिनान ने कमिशनर बलदिया पर लापरवाही का इल्ज़ाम लगाया और कहा कि कमिशनर बलदिया एमिटी कृष्णा बाबू डंपिंग यार्ड की मुंतक़ली में नाकाम हो चुके हैं ।

इस डंपिंग यार्ड की मुंतक़ली के लिए गदशता में एहतिजाज भी किया गया था और इस इलाक़ा की अवाम की ख़ाहिश के मुताबिक़ बलदिया उन्हें सहूलयात फ़राहम करने में नाकाम है । बर्क़ी , बलदी , आ बरसानी नीज़ घर से निकल कर घर पहूंचने तक मसाइल ही मसाइल से पुराने शहर की अवाम परेशान है । किसी इलाक़ा में बर्क़ी की ग़ैर मालना कटौती और किसी इलाक़ा में बेवक़त पानी की सरबराही ए वन सिटी में ज़िंदगी बसर करते हुए भी पुराने शहर की अवाम को ये एहसास होने लगा है कि वो दौर किसी देहात-ओ-क़स्बा में ज़िंदगी बसर कर रहे हैं जब कि महंगाई अख़राजात-ओ-हर तरह की अदायगी ए वन अंदाज़ ही में वसूल की जा रही है । इन सब मसाइल से बदहाल पुराने शहर की अवाम अपनी जानिब से मुंतख़ब करदा अवामी नुमाइंदों पर ब्रहम हैं और उन की ब्रहमी में बलदिया सहूलयात के फ़ुक़दान का अहम रोल पाया जाता है ।

शहर के अतराफ़ और क़लब शहर के इलाक़ा शहर का ऐसा कोई इलाक़ा बाक़ी नहीं रहा जहां बलदी मसाइल नहीं पाए जाते । बिलख़सूस पुराने शहर को मसाइल का अंबार बनता जा रहा है जिस के ख़िलाफ़ ख़ुद अवाम ने कमर बांध ली है और जद्द-ओ-जहद का फ़ैसला किया है । जिस से लोकल अवामी नुमाइंदों के इलावा ख़ुद बलदी और पुलिस ओहदेदार भी परेशान हैं कि पुलिस को एक नई मुश्किल का सामना है । पहले ही पुराने शहर में दबाव‌ के तहत काम करने का पुलिस पर इल्ज़ाम पाया जाता है ।

और पुलिस पर इस बात के भी इल्ज़ामात पाए जाते हैं कि पुलिस सयासी आक़ाओ को ख़ुश करने फ़राइज़ के मज़े लौट रहे हैं । बताया जाता है कि साउथ ज़ोन के कई इलाक़ों में अवाम को ऐसे ही मुश्किलात का सामना है और अवाम अब अवामी मुंख़बा नुमाइंदों को छोड़कर बलदी मसाइल के ख़िलाफ़ ओहदेदारों जद्द-ओ-जहद करने की सोनच रहे हैं और बलदी , डरेंज , आबी बर्क़ी और तालीमी जैसे बुनियादी मसाइल की लापरवाही और अदमे तवज्जो के ख़िलाफ़ मसला को पुलिस से रुजू कर रहे हैं अवाम की इस जद्द-ओ-जहद से शायद पुलिस ओहदेदारों को अब किसी तरक़्क़ीयाती काम की इफ़्तिताही तक़रीब ही तक अपने आप को महिदूद नहीं रखना पड़ेगा बल्कि इस तरक़्क़ीयाती काम की तकमील के ताल्लुक़ से भी अवाम शिकायत पर तवज्जा मर्कूज़ करने लगे हैं । ‘

एक नई ज़िम्मेदारी और अवाम में बलदी ओहदेदारों के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत के बढ़ते रुजहान ने पुलिस की नींद हराम करदी है । अक्सर शहरीयों का मानना है कि 5 साल में एक दफ़ा इक़तिदार के लालची वोट तो मांगने आते हैं लेकिन पाँच साल तक मसाइल की यकसूई के लिए उन्हें नुमाइंदों के चक्क्र काटने पढ़ रहे हैं । ऐसे नुमाइंदों को बेफ़ैज़ तसव्वुर करने वाली अवाम ख़ुद क़ानून का सहारा लेने पर मजबूर हो गई है । इस ख़सूस में मुग़ल पूरा के तेलगुदेशम क़ाइद क़वी अब्बासी के मकान पर एक इजलास मुनाक़िद हुआ जिस में पुराने शहर के हालात पर ग़ौर-ओ-ख़ौस किया गया ।

दिन बह दिन मआशी मसाइल से बदहाल पुराने शहर की अवाम , सूद ख़ोरों , गुंडा अनासिर और अब मुनश्शियात के स्मगलरस की ग़ैर समाजी हरकतों से पुराने शहर की अवाम का जीना मुश्किल होगया है । इस इजलास में शरीक मुहम्मद हाजी , जनरल सैक्रेटरी टी डी पी और रशीद उद्दीन रशीद समाजी कारकुन के इलावा दीगर ने भी शिरकत की ।

इजलास में पुराने शहर की अवाम को बलदी-ओ-दीगर ज़रूरी मसाइल से राहत फ़राहम करने के मसाइल पर तफ़सीली ग़ौर-ओ-ख़ौस किया गया और एक हिक्मत-ए-अमली तैय्यार करते हुए फ़ौरी मसाइल की यकसूई के लिए ओहदेदारों पर दबाव‌ क़ायम करने और अवाम को राहत फ़राहम करने का मंसूबा तैय्यार किया गया ।।

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