Sunday , December 17 2017

करप्शन अच्छी हुक्मरानी का दुश्मन: प्रतीभा पाटिल

अपने जलील अलक़द्र ( महान/ प्रतिष्ठित) ओहदे ( पद) से सुबकदोशी ( सेवानिवृत) के मौक़ा पर सदर प्रतीभा पाटिल ने आज करप्शन की लानत को उजागर करते हुए कहा कि ये अच्छी हुक्मरानी का दुश्मन है और हुकूमत और अवाम ( जनता) से इस का इजतिमाई ( सामूहिक) तौर

अपने जलील अलक़द्र ( महान/ प्रतिष्ठित) ओहदे ( पद) से सुबकदोशी ( सेवानिवृत) के मौक़ा पर सदर प्रतीभा पाटिल ने आज करप्शन की लानत को उजागर करते हुए कहा कि ये अच्छी हुक्मरानी का दुश्मन है और हुकूमत और अवाम ( जनता) से इस का इजतिमाई ( सामूहिक) तौर पर सामना करने की अपील की।

श्रीमती पाटिल ने क़ौम ( राष्ट्र) से अपने विदाई ख़िताब में कहा कि बदउनवानी ( नयम विरुद्वता/ भ्रष्टाचार) तरक़्क़ी ,अच्छी हुक्मरानी की दुश्मन है। इस से ज़रूर छुटकारा पाना चाहीए । हुकूमत और बड़ी हद तक अवाम दोनों को एक साथ मिल कर इस क़ौमी मक़सद की तकमील करनी चाहीए ।

सदर जमहूरीया ( राष्ट्रपति) मख़लूत( मिले जुले) दौर के ताल्लुक़ से भी लब कुशाई की। उन्होंने कहा कि इंतिख़ाबात अब हुकूमतों को करीब ला रहे हैं। जिन में ज़्यादा तर मख़लूत इत्तिहाद (एकता) होते हैं और मुक़न्निना (LEGISLATURE) जात कई पार्टियों से मिल कर बना हुआ होता है।

उन्होंने कहा कि जम्हूरियत ( प्रजातंत्र) की असल रूह को ही हर तरफ़ वुसअत (विस्तार/ फैलाव) देना चाहीए ताकि ये हमारे तर्ज़ अमल में ज़ाहिर हो। उन्होंने कहा कि मनफ़ी ( रद्द किया/ नष्ट किया हुआ) रुजहानात शक और मायूसी पैदा करते हैं जो हमारे मुल्क के मुफ़ाद ( फायदे) में नहीं है।

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