Wednesday , December 13 2017

करीमनगर इमदाद-ए-बाहमी बैंक को रियासत में पहला मुक़ाम

करीमनगर मर्कज़ी इमदाद-ए-बाहमी बैंक इंतिहाई तेज़ी के साथ तरक़्क़ी की राह पर आगे बढ़ रहा है। इस बैंक की ख़िदमात में हर साल इज़ाफ़ा किया जा रहा है । साबिक़ में अलवर , कृष्णा अज़ला के इमदाद-ए-बाहमी बैंकों के ज़रीया रियासत में कर्ज़ों की मंज़ूरी

करीमनगर मर्कज़ी इमदाद-ए-बाहमी बैंक इंतिहाई तेज़ी के साथ तरक़्क़ी की राह पर आगे बढ़ रहा है। इस बैंक की ख़िदमात में हर साल इज़ाफ़ा किया जा रहा है । साबिक़ में अलवर , कृष्णा अज़ला के इमदाद-ए-बाहमी बैंकों के ज़रीया रियासत में कर्ज़ों की मंज़ूरी दी जाती थी इसमें यही बैंक पहले और दूसरे मुक़ाम पर रहा करते थे।

पिछले दो बरस के दौरान दूसरे मुक़ाम से पहले मुक़ाम पर करीमनगर को ओपरेटीव सैंटर्ल बैंक आचुका है। रियासत भर के सभी इमदाद-ए-बाहमी बैंकों से कहीं ज़्यादा क़र्ज़ की मंज़ूरी देते हुए करीमनगर ने अपनी पहचान बनाई है। क़ौमी इमदाद-ए-बाहमी बैंक सालाना तक़ारीब के सिलसिले में बैंक चेयरमैन कोनडोरी रवींद्र राव‌ को नबारड की तरफ‌ से बेहतरीन बैंक चेयरमैन की हैसियत से अवार्ड दिया गया है।

ख़रीफ़ सीज़न में 200करोड़ से ज़ाइद किसानों को क़र्ज़ मंज़ूर करते हुए सद फ़ीसद निशाने की तकमील करली गई है। साबिक़ में क़र्ज़ की वसूली में भी ख़ुसूसी तवज्जु देते हुए तलंगाना अज़ला में दीगर बैंकों की बनिसबत करीमनगर क्वापरीटीव सैंटर्ल बैंक पहले मुक़ाम पर था।

दीगर ख़ज़मात जैसे खाता दारों को ऑनलाइन की सहूलत फ़राहम की गई है।ज़िला में कपड़ा बुनकरों इमदाद-ए-बाहमी बैंक के ज़रीया 3318.34 लाख 2782 इमदाद-ए-बाहमी संघमों की मंज़ूरी दी गई। ज़िला में सिरिसिल्ला शहर में चेतना महेला संघमों की तरफ़ अव्वलीन तवज्जु दी गई है।

करीमनगर क्वापरेटीव सैंटर्ल बैंक की तरफ‌ से दिए गए क़र्ज़ की वसूली में भी रिकार्ड क़ायम किया है।010-11साल में 98.82 फ़ीसद 2011-12-ए-में 92.09 फ़ीसद वसूली हुई है। देही मुक़ामात के तलबा-ए-को अपनी तालीम को आगे जारी रखने के लिए रूरल एजूकेशन के तहत इमसाल 54.53 लाख की मंज़ूरी दी गई है।

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