Monday , December 11 2017

करीमनगर में पहाड़ों को तोड़ने के ख़िलाफ़ मुहिम

ज़िला करीमनगर में 400 से ज़ाइद पहाड़ों को निकाल कर कई ममालिक में ग्राउंड के नाम से फ़रोख़त किया जा रहा है।

ज़िला करीमनगर में 400 से ज़ाइद पहाड़ों को निकाल कर कई ममालिक में ग्राउंड के नाम से फ़रोख़त किया जा रहा है।

इस कारोबार में कई सियासी अफ़राद शामिल हैं जिस की वजह से ज़िला करीमनगर के तक़रीबन तमाम पहाड़ ख़त्म होते जा रहे हैं। पहाड़ ख़त्म होने की वजह से इस ज़िला का मौसम बहुत ख़राब होता जा रहा है।

किसानों को भी मुश्किलात का सामना है क्यूंकि पानी का बहाव‌ ख़त्म होगया है। पहाड़ों में बसने वाले जानवर मसलन रीछ , चीता, बंदर, परिंदा शहरों में आकर नुक़्सान पहुंचा रहे हैं और ज़मीन के तवाज़ुन के लिए पहाड़ों को ज़मीन में गाढ़ा गया उसकी निकासी की वजह से ज़मीन का तवाज़ुन बिगड़ कर ज़लज़ले आने के अंदेशे हैं।

वेलफेयर पार्टी करीमनगर में इस के ख़िलाफ़ एक मुहिम चला रही है। ज़िला कलक्टर करीमनगर को इस सिलसिले में एक मेमोरंडम पेश किया। रोड ट्रांसपोर्ट कमिशनर को भी एक कापी दी गई। इस कापी में वाज़िह किया गया कि लारियों में वज़न ज़्यादा लादने की वजह से अवामी जायदाद मसलन रोड , बरीजस ख़राब होरहे हैं और उन्हें फ़ौरी नहीं रोका गया तो वेलफेयर पार्टी हुकूमत के ख़िलाफ़ धरने और हड़ताल करने पर मजबूर होजाएगी।

TOPPOPULARRECENT