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कर्ज देने में सखावत बरतें बैंक : गवर्नर

रांची 10 मई : गवर्नर डॉ सैयद अहमद ने बैंकों से दरख्वास्त की है कि वे कर्ज देने में सखावत बरतें, मायूसी नहीं। गवर्नर जुमेरात को रांची में रियासती सतह बैंकर्स कमेटी की 43वीं बैठक को खेताब कर रहे थे। उन्होंने कहा कौमी औसत की मुकाबले में झ

रांची 10 मई : गवर्नर डॉ सैयद अहमद ने बैंकों से दरख्वास्त की है कि वे कर्ज देने में सखावत बरतें, मायूसी नहीं। गवर्नर जुमेरात को रांची में रियासती सतह बैंकर्स कमेटी की 43वीं बैठक को खेताब कर रहे थे। उन्होंने कहा कौमी औसत की मुकाबले में झारखंड में अकलियतों और कबायलियों को बैंकों से कर्ज नहीं मिलता है। बैंकों का यह फ़र्ज़ है कि तालीम के मैदान में गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए दिये जानेवाले कर्ज वक़्त पर मिले। उन्होंने तालीम के लिए खुसूसी फंड बनाने की बातें कहीं। गवर्नर डॉ अहमद ने कहा कि रियासत के कई मेधावी और गरीब बच्चे रुपये के गैर मौजूदगी में आला तालीम नहीं हासिल कर पाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि रियासत के ग्रामीण इलाकों में क़र्ज़-जमा रेसियो की शरह काफी कम है। इसे बढ़ाने की जरूरत है। तालीम से महरूम लोगों को भी बैंकिंग का फायदा मिले, यह यकीनी करना जरूरी है। शहरी और देहाती इलाकों में बैंकिंग सर्विस का फायदा मिलना चाहिए। चिट फंड कंपनियों का जिक्र करते हुए गवर्नर ने कहा कि चिट फंड कंपनियां गरीबों को बेवकूफ बना कर पैसा कमा रही हैं।

पहले तो ये लुभावने ख्वाब दिखाती हैं, बाद में लोगों की मेहनत की कमाई हड़प लेती हैं। ऐसी वाकियात से भी बैंकों को निबटना पड़ता है। उन्होंने कहा कि चिट फंड कंपनियां, इमदाद बाहमी आदरे बैंकिंग करने नहीं आती हैं। कर्ज लेनेवाली कंपनियों को समय पर क़र्ज़ की रकम लौटानी चाहिए। मौके पर प्रिंसिपल सेक्रेटरी एनएन सिन्हा, सरदार त्रलोचन सिंह, तरक्की कमिश्नर एके सरकार, खज़ाना के सेक्रेटरी, सनअत सेक्रेटरी, देहि तरक्की सेक्रेटरी वगैरह मौजूद थे।

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