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कर्नाटक: मुसलमानों ने सरकार के सहयोग के बिना ही उठाया वक्फ जायदाद की सुरक्षा का बीड़ा

बेंगलुरु: वक्फ संपत्तियों के विकास के लिए आम तौर पर वक्फ़ संस्था सरकार या वक्फ बोर्ड के माली सहयोग का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन कर्नाटक के एक शहर में मुसलमानों ने अपनी सहायता आप करते हुए वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और विकास का बीड़ा उठाया है।

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न्यूज़ नेटवर्क समूह प्रदेश 18 के अनुसार बेंगलुरु के पास स्थित कोलार गोलड क्षेत्र सोने की खान के लिए मशहूर है। इस शहर में मुसलमानों की भारी संख्या में आबादी मौजूद है। यहाँ मस्जिदों, दरगाह, ईदगाह और स्कूल सहित क्क्फ़ की 30 से अधिक बड़ी संपत्तियां हैं।

शहर में मौजूद ईदगाह की घेराबंदी के बाद यहां के लोग राहत महसूस कर रहे हैं, क्योंकि घेराबंदी से पहले यह ईदगाह अवैध गतिविधियों का सेंटर बन चुका था।

इसी तरह शहर का प्राचीन स्कूल भी नाजायज़ कबज़ों का शिकार था, लेकिन स्थानीय लोगों में जब जागरूकता आई तो लोगों के सहयोग से यहां वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और उनकी विकास का काम शुरू हुआ।जिन क्षेत्रों में मस्जिदें थीं, वहाँ मस्जिदों का निर्माण प्रक्रिया में आई। वक्फ़ के सभी इमारतों को पुख्ता बनाने का काम भी शुरू हो चुका है।

के जी एफ मुसलमानों का कहना है कि सरकार और वक्फ़ बोर्ड के सहयोग के बगैर अब तक कई विकास कार्य किए जा चुके हैं। लेकिन अब समय आ गया है कि सरकार और वक्फ़ बोर्ड भी अपनी जिम्मेदारियों को समझे। ताकि शहर में वक्फ संपत्ति पर अधिक विकास कार्य किया जा सके।

सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद अनवर के अनुसार के जी एफ के मुसलमानों ने वक्फ़ के प्रति अपनी जागरूकता का सुबूत दिया है। कुछ वर्षों के प्रयास के बाद वक्फ़ की आमदनी में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है। इतना ही नहीं वक्फ़ के कई संपत्तियों को अवैध कब्जों से बचाया भी गया है।

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