कर्नाटक में राजनीतिक संकट: कुमारस्वामी सरकारके खिलाफ़ बीबीजेपी ला सकती है अविश्वास प्रस्ताव

कर्नाटक में राजनीतिक संकट: कुमारस्वामी सरकारके खिलाफ़ बीबीजेपी ला सकती है अविश्वास प्रस्ताव

कर्नाटक की सियासत में एक बार फिर से हलचल बढ़ गई है। यहां विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर शुरू हो गया जब सत्तारूढ़ कांग्रेस-जदएस गठबंधन तथा भाजपा ने एक-दूसरे पर विधायकों को लालच देकर तोड़ने के आरोप लगाए।

वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि स्थिर सरकार चलाने के लिए उनके पास पर्याप्त संख्या बल है लेकिन सूत्रों के मुताबिक, कोंग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं।

भाजपा की कोशिश है कि जल्दी ही ये 13 विधायक इस्तीफ़ा दे दें। भाजपा कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार के ख़िलाफ़ अगले हफ़्ते अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है।

कांग्रेस-जदएस ने जहां भाजपा पर विधायकों को लालच देने के आरोप लगाए वहीं राज्य भाजपा के प्रमुख बीएस येदियुरप्पा ने इन खबरों को खारिज कर दिया कि सरकार गिराने के लिए उनकी पार्टी ‘ऑपरेशन कमल’ में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि आरोपों में कोई सत्यता नहीं है और कहा कि कांग्रेस-जदएस गठबंधन उनकी पार्टी के विधायकों को लालच देने का प्रयास कर रहा है।

दिल्ली में भाजपा विधायकों और सांसदों से मुलाकात करने के बाद येदियुरप्पा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने नहीं, उन्होंने (जदएस-कांग्रेस) खरीद-फरोख्त की शुरुआत की है। हम एक-दो दिनों तक दिल्ली में रूकेंगे क्योंकि कुमारस्वामी हमारे विधायकों से संपर्क साधने के प्रयास में हैं और खरीद-फरोख्त शुरू हो गई है।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा सतर्क और सावधान है क्योंकि मुख्यमंत्री शक्ति और धन का इस्तेमाल कर हमारे विधायकों को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस ने भी कहा कि येदियुरप्पा, सरकार को अस्थिर करने का व्यर्थ प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने कर्नाटक में राजनेतिक हालात को देखकर अपने 102 विधायकों को गुड़गांव के रिज़ॉर्ट में शिफ़्ट करने फ़ैसला किया है। 224 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 104 विधायक, कांग्रेस के 79, जद एस के 37, बसपा, केपीजेपी और निर्दलीय के एक-एक विधायक हैं। बसपा, केपीजेपी और निर्दलीय विधायक गठबंधन सरकार का समर्थन कर रहे हैं।

मीडिया में इस तरह की खबर आई थी कि कांग्रेस विधायक भाजपा में जाने के लिए तैयार हैं और कुछ विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है जिसके बाद सरकार को खतरे की संभावना के कयास लगाए जाने लगे थे।

‘ऑपरेशन कमल’ का जिक्र 2008 में भाजपा द्वारा विपक्ष के कई विधायकों का दल बदल करवाकर तत्कालीन बीएस येदियुरप्पा सरकार की स्थिरता सुनिश्चत कराने के लिए किया जाता है। राज्य के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘यहां स्थिर सरकार देने के लिए मेरे पास पर्याप्त संख्या बल है।

कांग्रेस या जदएस को भाजपा से विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की जरूरत नहीं है, हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘किस भाजपा विधायक के नाम किस रिजॉर्ट में कमरे आरक्षित थे, कितने कमरे आरक्षित थे।

वे कांग्रेस-जदएस के कितने विधायकों को लालच दे रहे थे और साथ ले जाने का प्रयास कर रहे थे, क्या मेरे पास सूचना नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ’गठबंधन सरकार को 120 विधायकों का समर्थन हासिल है।’’

साभार- ‘इंडिया टीवी डॉट कॉम’

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