Friday , June 22 2018

कल फिर झारखंड बंद, मद्दा सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन

रांची: सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ कल दो दिसंबर को झारखंड बंद का आह्वान किया गया है. गौरतलब है कि पिछले 40 दिनों में यह तीसरी बार झारखंड बंद का आह्वान किया गया है. कल के बंद के मद्देनजर झारखंड आदिवासी संघर्ष मोरचा के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को मोरहाबादी स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष से मोटरसाइकिल रैली निकाली. रैली में शामिल लोगों ने अलबर्ट एक्का चौक, कचहरी, रातू रोड, हरमू बाइपास, बिरसा चौक, राजेंद्र चौक, हिनू चौक, सुजाता चौक, बहू बाजार, कांटाटोली व पुरुलिया रोड होते हुए शहर के विभिन्न इलाकों का भ्रमण किया.

रैली को मोरचा के संयोजक डॉ करमा उरांव, देवकुमार धान व प्रेमशाही मुंडा ने रवाना किया़ उन्होंने कहा कि जब तक सीएनटी-एसपीटी एक्ट बिल वापस नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा़ दो दिसंबर का झारखंड बंद ऐतिहासिक होगा़ रैली में विश्राम लोहरा, इशांत सोनी, अवधेश साहू, कृष्णा मुंडा, अभय भुटकुंवर, रंजीत लोहरा, रवि पीटर, जय सिंह, सतीश बड़ाइक आदि शामिल थे़.

बंद को झाविमो ने दिया समर्थन : झाविमो ने झारखंड बंद का नैतिक समर्थन किया है़ पार्टी के मीडिया प्रभारी तौहिद आलम ने कहा कि पार्टी पूर्ण रूप से बंद का नैतिक समर्थन करेगी़ राज्य सरकार ने सारे नियम-संवैधानिक मर्यादा को ताक पर रख कर बिल पास कराया है़ सरकार का कदम जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है़ यह कानून राज्य के आदिवासी-मूलवासी के हित में नहीं है़ राज्यव्यापी विरोध और जनदबाव में सरकार को संशोधन हर हाल मेें वापस करना होगा़ झाविमो इसके लिए अंतिम दम तक संघर्ष करेगी़.

वामदलों का भी समर्थन : आदिवासी संगठनों द्वारा बुलाये गये झारखंड बंद का वामदलों ने समर्थन किया है. वामदलों की संयुक्त बैठक बुधवार को भाकपा राज्य सचिव केडी सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसमें कहा गया कि रघुवर सरकार में आदिवासियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है. संगठन के सदस्य शांतिपूर्ण बंद में समर्थन करेंगे. मौके पर भाकपा के अजय कुमार सिंह, माकपा के गोपीकांत बख्शी, प्रफुल्ल लिंडा, सुखनाथ लोहरा, माले के राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद और मासस के सुशांतो मुखर्जी भी मौजूद थे.

राजद ने भी समर्थन दिया : राजद ने दो दिसंबर के बंद को नैतिक समर्थन दिया है़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा ने कहा कि यह संशोधन आदिवासी-मूलवासी के साथ धोखा है़ जनता इस संशोधन को कतई बरदाश्त नहीं करेगी़

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