Monday , December 18 2017

कश्मीरी अलाहिदगी पसदों से पाक मुशीर की बातचीत पर एतेराज़

हिंदुस्तान ने आज पाकिस्तान से कहा है कि बामानी मुज़ाकरात के लिए उसके जज़बात और एहसासात का एहतिराम मल्हूज़ रखा जाना चाहिए।

हिंदुस्तान ने आज पाकिस्तान से कहा है कि बामानी मुज़ाकरात के लिए उसके जज़बात और एहसासात का एहतिराम मल्हूज़ रखा जाना चाहिए।

हिंदुस्तान ने पाकिस्तानी वज़ीर-ए-आज़म के उमूर ख़ारिजा मुशीर की कश्मीरी अलहिदगी पसंद क़ाइदीन के साथ बातचीत पर नाराज़गी ज़ाहिर की और लाईन आफ़ कंट्रोल पर हालिया जंग बंदियों की ख़िलाफ़ वर्ज़ियों को फ़ायदा के बजाय नुक़्सानरसां क़रार दिया।

वज़ीर-ए-ख़ारिजा सलमान ख़ुर्शीद की आज पाकिस्तानी वज़ीर-ए-आज़म के उमूर ख़ारिजा मुशीर सितार अज़ीज़ के साथ 11 वीं एशिया ग्रुप वुज़राए ख़ारिजा कान्फ़्रेंस के मौक़े पर तक़रीबन निस्फ़ घंटा मुलाक़ात हुई। दोनों क़ाइदीन ने डायरेक्टर जनरल मिल्ट्री ऑप्रेशन का इजलास जल्द मुनाक़िद करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

इस के इलावा उन्होंने लाईन आफ़ कंट्रोल पर अमन की बहाली के लिए मुख़्तलिफ़ इमकानात पर भी तबादला-ए-ख़्याल किया। सलमान ख़ुर्शीद ने कहा कि हालिया अर्सा के दौरान जो वाक़ियात पेश आए हैं उन्हें हिंदुस्तान या कोई और कभी भी हौसला अफ़्ज़ा-ए-वाक़ियात क़रार नहीं दे सकता। वो दरअसल लाईन आफ़ कंट्रोल पर पाकिस्तान की तरफ़ से जारी जंग बंदी की ख़िलाफ़ वर्ज़ियों का हवाला दे रहे थे जिन में कई हिंदुस्तानी सिपाही हलाक होगए।

सलमान ख़ुर्शीद ने अख़बारी नुमाइंदों से कहा कि (हिंदुस्तान और पाकिस्तान के माबैन) नतीजाख़ेज़ मुज़ाकरात के लिए साज़गार हालात पैदा करने की ज़रूरत है और दोनों जानिब से ऐसा किया जाना चाहिए और ये सिर्फ़ किसी एक तरफ़ से नहीं किया जा सकता। चंद ऐसे भी वाक़ियात पेश आए हैं बदबख़ती से जो फ़ायदा के बजाय नुक़्सान रसां साबित हुए हैं। कश्मीरी हुर्रियत क़ाइदीन से सरताज अज़ीज़ की मुलाक़ात-ओ-बातचीत के बारे में एक सवाल पर ख़ुर्शीद ने जवाब दिया कि मुझे ये कहना चाहिए कि ये निहायत अहम है कि जो कुछ हम कहते हैं और जो कुछ हम करते हैं इन सब बातों को बग़ौर देखा जाना चाहीए।

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