Saturday , January 20 2018

कश्मीर तक इस्लामिक स्टेट की रसाई नामुमकिन

श्रीनगर: शिद्दत-पसंद हुर्रियत कान्फ़्रेंस के सदर नशीन सय्यद अली शाह गिलानी ने आज कहा कि कश्मीर में इस्लामिक स्टेट की सरगर्मीयों को वुसात देने के इम्कानात सिफ़र के बराबर है और इस ख़ुसूस में अस्करीयत पसंद तंज़ीम के दावओं को मुस्तरद कर दिया।

गिलानी ने एक सहाफ़ती बयान में कहा कि कश्मीर तक इस्लामिक स्टेट की रसाई के इमकानात बिलकुल्लिया सिफ़र हैं। कश्मीर पर इस्लामिक स्टेट के बयान पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए हुर्रियत लीडर ने कहा कि ये उसी वक़्त मुम्किन है जब हकूमत-ए-हिन्द तहरीक कश्मीर को आलमी सतह पर रुस्वा करने का मौक़ा फ़राहम करेगी।

इस्लामिक स्टेट के दावों पर अंगुश्तनुमाई करते हुए गिलानी ने कहा कि अगर ये ग्रुप संजीदा और मुख़लिस है तो सबसे पहले मग़रिबी एशीया में मस्जिद अल-अक़सा को आज़ाद करवाए। उन्हें जाकर फ़लस्तीनी भाईयों की इयानत करनी चाहिए जिस पर गुज़िश्ता60 साल से ज़ुल्म-ओ-सितम के पहाड़ तोड़ दिए जा रहे हैं।

गिलानी ने कहा कि मुसलमानों को दरपेश किसी मसले का हल तलाश करने के बजाय इस्लामिक स्टेट ने मुसलमानों को ख़ाना-जंगी में झोंक दिया है|

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