कश्मीर पर बात चीत लाहासिल ( बेकार/ व्यर्थ), अलहैदगी पसंदों का तास्सुर ( प्रभाव)

कश्मीर पर बात चीत लाहासिल ( बेकार/ व्यर्थ), अलहैदगी पसंदों का तास्सुर ( प्रभाव)
वादी कश्मीर से ताल्लुक़ (समपर्क/ संबंध) रखने वाले अलहैदगी पसंदों (separatists) ने आज पाकिस्तानी मोतमिद ख़ारिजा जलील अब्बास जीलानी (Pakistan Foreign Secretary Jalil Abbas Jilani) से मुलाक़ात की और वो हिंदूस्तान और पाकिस्तान के दरमियान अमल मुज़ाकरात ( आपसी बातचीत) के बारे

वादी कश्मीर से ताल्लुक़ (समपर्क/ संबंध) रखने वाले अलहैदगी पसंदों (separatists) ने आज पाकिस्तानी मोतमिद ख़ारिजा जलील अब्बास जीलानी (Pakistan Foreign Secretary Jalil Abbas Jilani) से मुलाक़ात की और वो हिंदूस्तान और पाकिस्तान के दरमियान अमल मुज़ाकरात ( आपसी बातचीत) के बारे में मुनक़सिम (विभाजित करने वाले/ बाँटने वाले) नज़र आए जबकि एतिदाल पसंदों ने उसे बाहमी एतिमाद (यकीन) को उस्तिवार ( )करने के लिए ज़रूरी क़रार दिया जबकि कट्टर पसंदों ने उसे लाहासिल ( व्यर्थ) अमल बताया।

जीलानी के साथ दो घंटे की मीटिंग से बाहर आते हुए हुर्रियत कान्फ्रेंस के एतिदाल पसंद ग्रुप के सदर नशीन मीर वैज़ उमर फ़ारूक़ ने कहा कि हम बात चीत के अमल की ताईद (हिमायत) करते हैं क्योंकि बाहमी भरोसा को फ़रोग़ देना अहम है। मीर वैज़ ने कहा कि ताहम मसला कश्मीर पर बात चीत में कश्मीरियों के रोल का एक अहम पहलू हनूज़ ( अभी तक) ग़ायब है और इस की जल्द अज़ जल्द यकसूई ( निवारण) होनी चाहीए ।

जीलानी जो अपने हिंदूस्तानी हम मंसब रंजन मथाई के साथ बात चीत के लिए आज यहां पहुंचे, उन्हों कश्मीर के अलहैदगी पसंदों के साथ सिलसिला वार मुलाकातें कीं जिन में हुर्रियत कान्फ्रेंस के कट्टर और एतिदाल पसंद ग्रुप शामिल हैं। मीर वैज़ ने पाकिस्तानी मोतमिद ख़ारिजा (Pakistani Foreign Secretary )को बताया कि वादी में एतिमाद साज़ी इक़दामात (कार्यनिष्पादन) पर अमल आवरी जहां एक अहम इक़दाम है वहीं इस मसला की यकसूई ( निवारण/ हल) कश्मीर के अवाम को शामिल करने के बाद ही हासिल की जा सकती है और तब कोई देरपा (टिकाउ) हल बरामद होगा।

मीर वैज़ के मुताबिक़ पाकिस्तानी मोतमिद ख़ारिजा ने मसला कश्मीर के लिए भरपूर ताईद का इज़हार किया और उन्हें इस साल सितंबर यह अक़्तूबर में दौरा-ए-ईस्लामाबाद की दावत दी। पहली मीटिंग कट्टर अलहैदगी पसंद लीडर सैयद अली शाह गीलानी के साथ हुई जिन्होंने पाकिस्तान से कहा कि मसला कश्मीर को उजागर करने में अपनी सिफ़ारती कोशिशों में इज़ाफ़ा करे।

हुर्रियत के कट्टर पसंद ग्रुप के तर्जुमान ( spokes person) अय्याज़ अकबर के मुताबिक़ गीलानी ने जीलानी को वाक़िफ़ कराया कि हिंदूस्तान के साथ बात चीत की कोई नताइज बरामद नहीं होंगे जहां गीलानी ने कहा कि इस बात चीत को रोक देना चाहीए ताकी हिंदूस्तान कश्मीर को मुतनाज़ा इलाक़ा ( विवादित क्षेत्र) बावर (यकीन) करने से इत्तिफ़ाक़ कर लें, वहीं मीर वैज़ ने दोनों मुल्कों के दरमियान तबादलों में इस्तिक़लाल (दृढ्ता/ मज़बूती) की हिमायत की ताकि मसला कश्मीर को हल करने केलिए साज़गार माहौल पैदा हो जाए।

पाकिस्तान के नए हाई कमिशनर नामज़द सलमान बशीर भी इस मीटिंग्स में मौजूद थे। बादअज़ां जे के एल एफ चेयरमैन यसीन मलिक ने भी पाकिस्तानी मोतमिद ख़ारिजा के साथ मीटिंग मुनाक़िद ( आयोजित) की। रंजन मथाई 4 और 5 जुलाई को जीलानी के साथ बात चीत मुनाक़िद (आयोजित) करते हुए अमन और सलामती बिशमोल ( जिसमें) एतिमाद साज़ी इक़दामात और कश्मीर पर ग़ौर-ओ-ख़ौज़ करेंगे।

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