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कश्मीर: पेलेट गन संकट का सामना करने वाली इनशा मुश्ताक ने कक्षा 10 बोर्ड की परीक्षाएं दीं!

A girl helping Insha Mushtaq write her paper at the examination centre in Shopian town of South Kashmir.(Waseem Andrabi/HT Photo)

कश्मीर में 10वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षाओं का आखिरी दिन है और शॉपिया जिले के एक स्कूल के बाहर चिंतित छात्र इकट्ठा देखे जा सकते हैं, जो एग्जाम शुरू होने से कुछ मिनटों पहले अपना सबक याद कर रहे हैं। लेकिन वहीँ एक छात्रा बाहर खड़ीं है।

एक मरुण फेरन (पारंपरिक कश्मीरी ओवरकोट) और एक नारंगी स्कार्फ में कपड़े पहनी, इनशा मुश्ताक अपने दोस्तों के साथ बातचीत कर रही है और अपने आखिरी एग्जाम, संगीत के बारे में आश्वस्त है। उसकी आँखें मोटे काले चश्मे से ढकी हुई हैं, जो पिछले साल हुए एक क्रूर संघर्षों का एक अनुस्मारक है।

15 वर्षीय लड़की पिछले साल जुलाई में शोपियन के सेडो गांव में अपने घर की खिड़की से बाहर झाँक रही थी, जब सुरक्षा कर्मियों ने उस पर पेलेट गन से गोलियाँ चला दी, जिससे उसकी दुनिया अंधेरे से घिर गयी।

वह पेलेट गन के 2,500 पीड़ित लोगों की दुर्दशा का चेहरा बन गयी और काले चश्मे में उसकी फोटो ने एक अंतरराष्ट्रीय बहस की शुरुआत कर दी, जिसमें विरोध प्रदर्शन के दौरान कश्मीरी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कथित रूप से हथियार के इस्तेमाल के बारे में सवाल उठने लगे। मुख्यमंत्री ने उसे आंख दान करने की पेशकश की, और एक शीर्ष अलगाववादी नेता ने भी दावा किया कि उसे अपना लिया गया है।

लेकिन मीडिया स्पॉटलाइट से दूर, मुश्ताक ने अपनी पढ़ाई अपनाई। और उसके प्रयासों ने मंगलवार को उसका भुगतान भी कर दिया जब उसने राज्य बोर्ड के तहत कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा पूरी की।

वह हिंदुस्तान टाइम्स को बताती है, “मेरे एग्जाम अच्छी तरह से चले गए हैं, इन सब के लिए मेरे ट्यूशन टीचर्स और मेरे ‘लेखक’ को धन्यवाद।”

इनशा ने अपने दो ट्यूशन शिक्षकों मुजफ्फर भट और नवीन मिर, जिन्होंने पिछले साल उसे सबसे ज्यादा उसके घर में पढाया है। भट नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड नामक एक एनजीओ के कर्मचारी हैं, जिसका उद्देश नेत्रहीन चुनौतीपूर्ण को सशक्त बनाना और अच्छी तरह से सूचित करना है, जबकि मीर पेशे से एक चिकित्सा प्रतिनिधि है, जो पिछले साल दिसम्बर से इन्शा को बिना किसी पैसों के पढ़ा रहे हैं।

इन्शा कहती हैं, “वह मुझे पढाया करते थे और मैंने उनके पीछे दोहराया। यहां तक कि परीक्षा में, मेरे सहायक मेरे पास प्रश्नों को पढ़ते थे और मैं उसे अपने जवाबों में नीचे लिखती थी।” इनशा के शिक्षक ने उसके एग्जाम को लिखने के लिए एक कक्षा 9 के छात्र को कहा और प्रक्रिया को अनुमति देने के लिए अधिकारियों द्वारा इसे मंजूरी भी मिल गयी।

इनशा ने गणित की बजाय संगीत ले लिया क्योंकि उसकी दृश्यता हानि ने गणित के रकम को मुश्किल बना दिया। इन्शा ने कहा, “यह मेरे लिए एक नया विषय है और मुझे उम्मीद है कि यह अच्छी तरह से हो जायेगा. लिखित भाग केवल 25 अंकों के लिए है और फिर 75 अंकों के लिए व्यावहारिक परीक्षा है।” वह पहले से ही उर्दू, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी के एग्जाम दे चुकी है।

वह कहती हैं, गणित के अध्ययन के लिए इनशा की अक्षमता ने उन्हें दृश्य हानि की कठोर वास्तविकताओं का एहसास किया। “कक्षा 12 के लिए, मैं कला ले लूंगी यह मेरे दृश्य हानि के साथ अध्ययन करना आसान होगा।”

मार्च में हिंदुस्तान टाइम्स ने पहली बार रिपोर्ट की थी कि इनशा ने कैसे अपनी बाधाओं को दूर किया और फिर से पढ़ाई शुरू की। अपनी बोर्ड की परीक्षाओं में भाग लेने की तीव्र इच्छा व्यक्त करते हुए उसने कहा, “मैं पढना चाहती हूँ। अब मैं नहीं देख सकती, लेकिन मैं इसके साथ जिस तरह से कर सकती हूं, उसके साथ जारी रहूंगी।”

इन्शा, अपनी चोट से पहले, एक डॉक्टर बनना चाहती थी। प्राप्ति से पहले शुरुआती दिनों में, उसने एचटी को बताया था कि वह अभी भी चिकित्सा शिक्षा को पास करने में सक्षम होगी।

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