Friday , January 19 2018

कश्मीर में अलहैदगी पसंदों की हड़ताल से मामूलात-ए-ज़िंदगी मफ़लूज

पूरे कश्मीर में आज मामूलात-ए-ज़िंदगी मफ़लूज हो गए क्योंकि अलहैदगी पसंदों ने 200 साल क़दीम ( पुरानी) दस्तगीर साहिब दरगाह इलाक़ा ख़ान यार शहर श्रीनगर के शोला पोश हो जाने के ख़िलाफ़ हड़ताल की अपील की थी ।

पूरे कश्मीर में आज मामूलात-ए-ज़िंदगी मफ़लूज हो गए क्योंकि अलहैदगी पसंदों ने 200 साल क़दीम ( पुरानी) दस्तगीर साहिब दरगाह इलाक़ा ख़ान यार शहर श्रीनगर के शोला पोश हो जाने के ख़िलाफ़ हड़ताल की अपील की थी ।

स्कूल्स ,कालेज्स , दफ़ातिर , दुकानें और तिजारती इदारे ( संस्थाये) हड़ताल की वजह से बंद रहे । जिस की अपील तक़रीबन तमाम अलहैदगी पसंद ग्रुप्स बिशमोल हुर्रियत कान्फ्रेंस के दोनों ग्रुप्स और जे के एल एफ़ ने की थी ।पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी वादी कश्मीर में सड़कों से ग़ायब थी ।

ख़ानगी ( निजी) गाड़ियां भी कम तादाद में चलती नज़र आई । सरकारी दफ़ातिर में हाज़िरी बहुत कम थी क्योंकि मुलाज़मीन (काम् करने वाले) ट्रांसपोर्ट की सहूलतें ना होने की वजह से मुक़ाम मुलाज़मत पर नहीं पहुंच सकें । अदालतों का काम मुतास्सिर ( प्रभावित) हुआ क्योंकि कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसीएशन ने जो वुकला की नुमाइंदा तंज़ीम (प्रतिनिधी संगठन )है एक रोज़ा हड़ताल में शामिल थी ।

रियास्ती हुकूमत ने डीवीजनल कमिशनर कश्मीर को दरगाह के जल जाने के वाक़िया ( घटना) की तहक़ीक़ात का और पुराने डिज़ाइन के मुताबिक़ उस की जल्द् से जल्द नये तामीर का हुक्म दिया है । क़दीम शहर के इलाक़ा पर तशद्दुद एहितजाजी मुज़ाहिरे करते देखे गए क्योंकि दरगाह और मुत्तसिल (करीबी) मस्जिद राख का ढेर हो चुकी है ।

पचास से ज़्यादा अफ़राद बिशमोल 12 मुलाज़मीन पुलिस झड़पों में ज़ख्मी हो गए । सरकारी ज़राए ( सूत्रों) के बमूजब ( मुताबिक) कई मुक़ामात ( स्थानो) पर अवाम को सड़कों पर निकल आने से रोकने के लिए ख़ारदार तार की रुकावटें खड़ी की गई थी । पुलिस और सी आर पी एफ़ का अमला ज़्यादा तादाद में पुराने शहर और दीगर( अन्य) मख़दूश (भयग्रस्त) इलाक़ों में जैसे मैसूमा में तैनात किया गया था ताकि नज़म-ओ-क़ानून की सूरत-ए-हाल बरक़रार रखी जा सके ।

हालाँकि ऐनी शाहिदीन ने कहा कि अवाम की नक़ल-ओ-हरकत पर तहदीदाद आइद की गई है लेकिन पुलिस के एक तर्जुमान के बमूजब ( मुताबिक) वादी में कहीं भी कोई तहदेदाद आइद ( लागू) नहीं की गई है । सिर्फ पुलिस और सी आर पी एफ़ की इज़ाफ़ा जमईयत नज़म-ओ-क़ानून की बरक़रारी के लिए तैनात की गई है ।

कल आतिशज़दगी के वाक़िया ( घटना) में दस्तगीर साहिब दरगाह जल कर राख का ढेर हो गई । अलहैदगी पसंदों ने इस वाक़िया ग़ैर जांबदाराना तहक़ीक़ात का मुतालिबा करते हुए आज एक दिन आम हड़ताल का ऐलान किया था।

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