Wednesday , January 17 2018

कश्मीर में एहितजाजी सरकारी मुलाज़मीन(अधिकारी) गिरफ़्तार।

श्रीनगर 15 अक्टूबर कश्मीर में बेशुमार(अधिक) सरकारी मुलाज़मीन(अधिकारी) बिशमोल ख़वातीन को आज हिरासत में ले लिया गया जबकि पोलीस ने अपने मुतालिबात की ताईद में सियोल सैक्रेटरीएट की सिम्त उन के मार्च को नाकाम बना दिया । इन मुलाज़मीन का

श्रीनगर 15 अक्टूबर कश्मीर में बेशुमार(अधिक) सरकारी मुलाज़मीन(अधिकारी) बिशमोल ख़वातीन को आज हिरासत में ले लिया गया जबकि पोलीस ने अपने मुतालिबात की ताईद में सियोल सैक्रेटरीएट की सिम्त उन के मार्च को नाकाम बना दिया । इन मुलाज़मीन का मुतालिबा है कि रोज़गार पॉलीसी पर अमल के इलावा सुबकदोशी की उम्र में इज़ाफ़ा(बढोतरी) किया जाय ।

एहितजाजी मुलाज़मीन(अधिकारी) सैंकड़ों की तादाद में सियोल सैक्रेटरीएट की सिम्त मार्च कर रहे थे । उन्हें पोलीस ने रे से ड्डंसी रोड पर रोक लिया । मुलाज़मीन मार्च जारी रखने पर मिस्र थे इस लिए पोलीस ने उन पर हल्का सा ताक़त का इस्तिमाल किया और उन्हें मुंतशिर(परेशान) कर दिया । इस के बाद यहां नराज की कैफ़ियत पैदा होगई और ट्रैफिक को कुछ वक़्त के लिए दूसरी जानिब(तरफ) मोड़ दिया गया ।

तक़रीबा एक सौ मुलाज़मीन को उन के क़ाइदीन के साथ एहतियाती हिरासत में ले लिया गया है । पोलीस ज़राए ने ये बात बताई । सरकारी मुलाज़मीन की मुशतर्का राबिता कमेटी ने सैक्रेटरीएट मार्च का ऐलान किया था ।
ये तंज़ीम मुलाज़मीन की मुख़्तलिफ़(अन्य) तनतेमों का इश्तिराक है और इस का मुतालिबा है कि सरकारी मुलाज़मीन की सुबकदोशी की उम्र को 58 साल से बढ़ा कर 60 साल कर दिया जाय । अदायगीयों में अदम मुसावात को ख़तन किया जाय ।
अढाक बुनियादों पर और यौमिया(प्रतिदिन) उजरत पर काम करने वालों की ख़िदमात को बाक़ायदा बनाया जाय और छुटे पै कमीशन के बकाया जात अदा किए जाएं।

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