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कश्मीर में बदतरीन सेलाब की पहली सालाना याद पर बंद

नई दिल्ली: कश्मीर में बदतरीन सेलाब की आज पहली सालाना याद मनाई गई। इस मौक़े पर अपोज़ीशन नेशनल कान्फ़्रेंस के अलावा अलहादगी पसंद तन्ज़ीमों और तिजारती इदारों ने गुज़िशता साल के बदतरीन सेलाब में 300 अफ़राद की हलाकतों और बड़े पैमाने पर माली नुक़्सानात की याद ताज़ा करते हुए मुतास्सिरीन की इमदाद बाज़ आबादकारी के लिए रियासती हुकूमत की तरफ़ से मौसर इक़दामात ना किए जाने के ख़िलाफ़ बंद मनाया, जिसके नतीजा में अक्सर तालीमी-ओ-तिजारती इदारे बंद रहे।

हुकूमत ने कई तिजारती तन्ज़ीमों के क़ाइदीन को गिरफ़्तार और अलहादगी पसंद क़ाइदीन को घर पर नज़रबंद करते हुए एहतेजाज के मन्सूबों को नाकाम बनादिया। शनल कान्फ़्रेस के लीडर उमर अब्दुल्लाह ने मर्कज़ और रियासती हुकूमत पर तन्क़ीद करते हुए कहा कि मुतास्सिरा अवाम को इमदाद पहुंचाने के लिए दोनों हुकूमतों ने बुलंद बाँग वादे किए थे लेकिन ताहाल हमें कुछ हासिल नहीं हुआ है।

चीफ़ मिनिस्टर मुफ़्ती मुहम्मद सईद ने एतराफ़ किया है कि दुबारा तामीर-ओ-बाज़ आबाद कारी के सारे अमल में हनूज़ कुछ खुला बाक़ी है जिसको बाजलत मुम्किना पर करने की ज़रूरत है। नेशनल कान्फ़्रेंस की अपील पर मनाई गई बंद के नतीजे में सारे कारोबार बंद रहे और वादी में आम ज़िन्दगी मुअत्तल रही।

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