Sunday , December 17 2017

कश्मीर में बाढ़ का कहर 16 लोगों की मौत

नई दिल्ली: वादी कश्मीर में मुसलसल चार दिनों से हो रही बारिश से आई बाढ़ और दो मकानों के ढहने से पीर के रोज़ 16 लोग जिंदा दफन हो गए, जबकि एक शख्स बह गया. झेलम नदी में मुसलसल बढ़ रहे पानी के सतह से परेशान लोग महफूज़ मुकाम की ओर रुख कर रहे हैं.

नई दिल्ली: वादी कश्मीर में मुसलसल चार दिनों से हो रही बारिश से आई बाढ़ और दो मकानों के ढहने से पीर के रोज़ 16 लोग जिंदा दफन हो गए, जबकि एक शख्स बह गया. झेलम नदी में मुसलसल बढ़ रहे पानी के सतह से परेशान लोग महफूज़ मुकाम की ओर रुख कर रहे हैं.

श्रीनगर के पास बेमिना बांध टूटने की वजह से शहर में पानी घुसने का खतरा भी बढ़ गया है. जम्मू कश्मीर में मुसलसल बारिश से जम्मू-कश्मीर के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. इस दौरान पुंछ में फंसे एक खातून और उसके नोमुलूद बच्चे को पालकी के जरिए निकाला गया.

एक पुलिस आफीसर ने कहा कि बडगाम जिले के लादेन गांव में भारी बारिश के सबब जमीन खिसकने से दो मकान जमींदोज हो गए, जिसमें 16 लोग फंस गए.

शाम तक छह लोगों की लाश बरामद हो चुकी थे, जबकि बाकी बचे लोगों के भी मारे जाने के इम्कान है. मरने वालों में चार ख़्वातीन , एक मर्द व एक 22 दिन का बच्चा भी है.

जम्मू कश्मीर में मुसलसल हो रही बारिश की वजह से फौज ने फिर ऑपरेशन मेघराहत शुरू कर दिया है. गुजश्ता साल सितंबर में भी इसी ऑपरेशन के जरिए लोगों की मदद की थी.

जम्मू कश्मीर के बाढ़ से मुतास्सिर इलाकों में फौज और पुलिस राहत काम में जुटी हुई है, पुंछ से बाढ़ में फंसे 50 लोगों को फौज ने बचाकर महफूज़ मुकाम पर पहुंचाया है.

तवी और चिनाब नदी में उफान से जम्मू के राजौरी और पुंछ में ज्यादा नुकसान, पुंछ में आधा दर्जन मकान तबाह हो गए हैं. पीर के रोज़ को वादी कश्मीरमें कुलगाम, शोपियां, पुलवामा और अनंतनाग के कुछ इलाके पानी-पानी हैं. वहीं बडगाम, गांदरबल और बारामूला भी पानी से मुतास्सिर हैं.

वज़ीर ए आला मुफ्ती मोहम्मद सईद ने बाढ़ से मुतास्सिर शहर के मरकज़ लाल चौक का दौरा किया और वहां के ताज़िरों व आमजनों से बातचीत की. उन्होंने ताज़िरों को यकीन दिलाया कि हुकूमत साल 2014 में मुतास्सिर रहे ताज़िरों को राहत फराहम करने में तरजीह देगी.

सईद ने बाढ़ से मुतास्सिर वादी कश्मीरके लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 करोड़ रुपये, जबकि जम्मू इलाके के लिए 10 करोड़ रुपये के राहत का ऐलान किया

आफीसरों ने पीर के रोज़ जम्मू और कश्मीर को बाढ़ मुतास्सिर ऐलान कर दिया. लोगों को पिछले साल सितंबर में आई बाढ़ का डर सता रहा है, जिसके सैलाब में तबाही व मौत का नंगा नाच हुआ था. इस दौरान 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी.

महकमा मौसमियात ने श्रीनगर में 1 अप्रैल और 3 अप्रैल को भारी बारिश का इम्कान ज़ाहिर किया है और कहा है कि तब तक हल्की बारिश होती रहेगी. मुसलसल बारिश और ज़मीन खिसकने की वजह से जम्मू-श्रीनगर हाईवे जुमे के रोज़ से बंद है. जिसके चलते हजारों गाड़िया फंसी पड़ी हैं.

पीर के रोज़ को वादी कश्मीर में कुलगाम, शोपियां, पुलवामा और अनंतनाग के कुछ इलाके मे पानी ही पानी हैं. वहीं बडगाम, गांदरबल और बारामूला हल्के तौर पर मुतास्सिर हैं. पीडीपी सदर महबूबा मुफ्ती ने पार्टी कारकुनो को रियासत के मुतास्सिर इलाकों में कम्युनिटी किचन शुरू करने की हिदायत दी हैं

रियासत की हुकूमत के मुताबिक श्रीनगर में राजबाग, तुलसीबाग और अमीराकदल जैसे निचले इलाकों में भारी बारिश की वजह से पानी भर गया है जिसकी वजह से लोगों को महफूज़ जगहों पर जाने की हिदायत दी गई है.

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के हालात से निपटने के लिए NDRF का ऑपरेशन हैदर जारी है और 10 टीम बचाव काम में लगी हुई है. इसके साथ ही 4 टीम स्टैंडबाई पर है.

TOPPOPULARRECENT