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कश्मीर में विवादित “पैलेट गन” की ताकत बताने से आर्डिनेंस फैक्ट्री ने किया इंकार

नई दिल्ली। भारतीय आर्डिनेंस फैक्ट्री ने एंटी-राइट 12 बोर पंप एक्शन गन (पैलेट गन) की सूचना सार्वजनिक करने से मना कर दिया है। आर्डिनेंस फैक्ट्री ने कहा है कि सूचना सार्वजनिक करने का देश की सुरक्षा पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। जम्मू एवं कश्मीर में उपद्रवी भीड़ से निपटने के लिए एंटी-राइट 12 बोर पंप एक्शन गन का पैलेट गन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ प्रदर्शनकारियों पर बुरा असर पड़ने के कारण पैलेट गन विवादों में है। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत दायर एक अर्जी पर अपने जवाब में आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड ने धारा 8(1)(ए) का उल्लेख किया है। आरटीआइ अधिनियम की इस धारा के तहत सुरक्षा एवं रणनीतिक मुद्दों से संबंधित सूचना गोपनीय रखने की आजादी दी गई है। इसके अलावा धारा 8(1)(डी) के तहत व्यावसायिक गोपनीयता से संबंधित जानकारी को भी सार्वजनिक करने से छूट दी गई है।

राष्ट्रमंडल मानवाधिकार प्रयास के वेंकटेश नायक ने 1 जनवरी 2010 से अभी तक गन से संबंधित हर तरह के लेन-देन के साथ ही क्षमता और उसके प्रभाव की जानकारी मांगी थी। इसके अलावा उन्होंने इस तरह के गन में इस्तेमाल करने के लायक सभी प्रकार के कारतूसों की सूचना भी देने को कहा था। उन्होंने इस गन के खरीदारों, बेचने की तारीख, मूल्य और कितने गन बेचे गए यह भी बताने के लिए कहा था।

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