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कश्मीर से मुसल्लह अफ़्वाज को हटा देना ज़रूरी : उमर अबदुल्लाह

जम्मू 10 नवंबर (पी टी आई) मुसल्लह अफ़्वाज ख़ुसूसी इख़्तयारात क़ानून के मसला पर एक फ़ैसला करने के हौसले और अपनी हुकूमत के अज़म का इज़हार करते हुए चीफ़ मिनिस्टर जम्मू-ओ-कश्मीर उमर अबदुल्लाह ने आज एक सवाल उठाया कि इन इलाक़ों में फ़ौज की ताय्य

जम्मू 10 नवंबर (पी टी आई) मुसल्लह अफ़्वाज ख़ुसूसी इख़्तयारात क़ानून के मसला पर एक फ़ैसला करने के हौसले और अपनी हुकूमत के अज़म का इज़हार करते हुए चीफ़ मिनिस्टर जम्मू-ओ-कश्मीर उमर अबदुल्लाह ने आज एक सवाल उठाया कि इन इलाक़ों में फ़ौज की ताय्युनाती के इलावा उन के तहफ़्फ़ुज़ के लिए किया इक़दामात किए जाएं जहां बरसों से फ़ौज के वजूद की ज़रूरत नहीं रही है।

उमर अबदुल्लाह ने एक प्रैस कान्फ़्रैंस में कहा कि हमारी कोशिश यही है कि इन इलाक़ों से ख़ुसूसी मुसल्लह अफ़्वाज इख़्तयारात क़ानून को हटा दिया जाय जहां फ़ौज का कोई काम नहीं है।

मैंने ये हरगिज़ नहीं कहा कि फ़ौज को बारहमुल्ला , सोपोर और कुपवाड़ा से हटाया जाना चाहिए। वो मुसल्लह अफ़्वाज ख़ुसूसी बाइख़तियार क़ानून को हटाने से मुताल्लिक़ पैदा शूदा मसाइल पर पूछे गए सवालात का जवाब दे रहे थॆ।

उन्हों ने कहा कि फ़ौज का तक़ाज़ा ये है कि उसे क़ानूनी तहफ़्फ़ुज़ हासिल हो और जोडीशील कमीशन के तक़र्रुर में ताख़ीर की जा रही ही। इस सिलसिले में मुबय्यना तौर पर सयासी मुदाख़िलत हो रही है।

जम्मू से काम करने वाले दीगर दफ़ातिर और सकरीटरीट में सयासी मुदाख़िलत बढ़ गई है जहां बरसों से फ़ौज का कोई काम नहीं ही। अगर इन इलाक़ों से फ़ौज हटा ली जाती है तो इस में क्या मसला दरपेश है।

श्रीनगर में फ़ौज आख़िर तक काम कररही है और बडगाम में भी ताय्युनात है तो उन्हें दीगर इलाक़ों में ताय्युनात करने की क्या ज़रूरत है।

हमें गै़रज़रूरी इलाक़ों से फ़ौज को हटा लेने के लिए ठोस और जुर्रत मंदाना फ़ैसला करना होगा। इस सिलसिले में शुरूआत में बिलाशुबा मुश्किलात दरपेश होंगी लेकिन बादअज़ां इस के नताइज बेहतर बरामद होंगी। उन्हों ने कहा कि हम ने श्रीनगर से स्कियोरटी के 40 बंकरस को हटा दिया है।

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