Wednesday , June 20 2018

क़तर में ‘बंधुआ मज़दूरी’ ख्त्म अब क़ानून कॉन्ट्रैक्ट आधारित होगा, कामगार क़ानून आज से लागू

क़तर : 2022 के फुटबॉल वर्ल्ड कप की तैयारियों के मद्देनजर क़तर अपने यहां ‘बंधुआ मज़दूरी’ जिसे ‘कफ़ाला सिस्टम’ भी कहा जाता है. इस प्रथा को बंद करने जा रहा है जिसके तहत विदेश से आए किसी कामगार को अपनी नौकरी बदलने के लिए ‘मालिक’ से मंज़ूरी लेनी पड़ती है. वर्तमान में वहाँ जो प्रणाली प्रचलित है उसके तहत कामगार अपने उस नियोक्ता की मर्जी के बगैर नौकरी नहीं बदल सकता जिसने क़तर में उसकी नौकरी प्रायोजित की हो.

नया कानून मंगलवार से लागू हो जाएगा. क़तर ने कहा है कि नया क़ानून कॉन्ट्रैक्ट आधारित होगा. यह पहले से ज़्यादा सुगम और सुरक्षित होगा. ‘कफ़ाला सिस्टम’ को मानवाधिकार कार्यकर्ता मौजूदा दौर की गुलामी वाली व्यवस्था भी कहते हैं. क़तर में लाखों मज़दूरों को 2022 के फुटबॉल वर्ल्ड कप की तैयारियों के मद्देनजर काम मिला है.
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि कामकाज की खराब परिस्थितियों के कारण इनमें से कई मज़दूरों को जान गंवानी पड़ी है.

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