Thursday , April 26 2018

क़तर समस्या पर आज खाड़ी देशों से बात करेगा सऊदी अरब

काहिरा। कतर के साथ संबंध समाप्त कर चुके सऊदी अरब और अरब सहयोगी आज खाड़ी राजनयिक संकट पर मिस्र में वार्ता करेंगे। कतर ने सऊदी अरब एवं अरब सहयोगियों की मांगें मानने से इंकार करते हुए यह कहा था कि उनकी मांगें पूरी करना असंभव है।

संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र समेत 4 अरब राष्ट्रों ने कतर पर चरमपंथियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था। बहरहाल कतर ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। उनकी मांगें मानने के लिए 10 दिन की अंतिम समय सीमा रविवार को खत्म होने के बाद उन्होंने अलग थलग पड़े अमीरात को उनकी अंतिम चेतावनी मानने के लिये 48 घंटे की अतिरिक्त मोहलत दी थी।

सऊदी अरब ने आज सुबह कहा कि उन्हें कतर की प्रतिक्रिया मिल गई है और इसका वे उचित समय आने पर जवाब देंगे। कतर के साथ राजनयिक एवं कारोबारी संबंध खत्म कर चुके चारों देशों के विदेश मंत्री आज पूर्वाह्न 11 बजे काहिरा में मुलाकात करने वाले हैं।

कतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने विवाद में मध्यस्थता कर रहे कुवैत को सोमवार को आधिकारिक जवाब भेजा था। हालांकि इसमें क्या लिखा है इसका खुलासा नहीं किया गया है। कतर ने कहा है कि अब वह दबाव के आगे नहीं झुकेगा और इसलिए उनकी (सउदी एवं अरब सहयोगियों की) मांगें खारिज होती प्रतीत हो रही है।

शेख मोहम्मद ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि चारों देशों की मांगों की सूची अवास्तविक और कार्रवाई योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, यह आतंकवाद के बारे में नहीं है,यह अभिव्यक्ति की आजादी को खत्म करने की बात करता है।

सऊदी एवं उनके सहयोगियों की मांगों में मुस्लिम ब्रदरहुड का समर्थन खत्म करना, अल-जजीरा का प्रसारण बंद करना, ईरान के साथ राजनयिक संबंध सीमित करना और अमीरात में तुर्की का सैन्य ठिकाना बंद करना शामिल है।

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