Thursday , September 20 2018

क़ादियानीयों के मुस्लिम औक़ाफ़ से इख़राज का ख़ौरमक़दम , देवबंद

ये मालूम होकर बेहद मुसर्रत हुई कि आंधरा प्रदेश वक़्फ़ बोर्ड ने शरई और क़ानूनी पहलोओं का जायज़ा लेने के बाद तमाम अराकीन के इत्तेफ़ाक़ से ये तय किया है कि कादयानी जो ख़ुद को अहमदी मुस्लिम कहते हैं, हक़ीक़त में वो ख़ारिज अज़ इस्लाम है।

ये मालूम होकर बेहद मुसर्रत हुई कि आंधरा प्रदेश वक़्फ़ बोर्ड ने शरई और क़ानूनी पहलोओं का जायज़ा लेने के बाद तमाम अराकीन के इत्तेफ़ाक़ से ये तय किया है कि कादयानी जो ख़ुद को अहमदी मुस्लिम कहते हैं, हक़ीक़त में वो ख़ारिज अज़ इस्लाम है।

इसलिए उनके ग़ैर मुस्लिम होने की बुनियाद पर उनको मुस्लिम औक़ाफ़ की फ़हरिस्त में ख़ारिज क़रार दिया और वक़्फ़ की जिन मसाजिद, इमारतों और जायदादों पर इनका क़ब्ज़ा है इसके नाजायज़ होने का फ़ैसला किया। आंधरा प्रदेश वक़्फ़ बोर्ड का ये फ़ैसला मुल़्क की दीगर सुबाई औक़ाफ़ कमेटीयों और मर्कज़ी वक़्फ़ बोर्ड के लिए नज़ीर बनेगा।

इस मौक़ा पर ज़ाती तौर पर और दार-उल-उलूम देवबंद की कुल हिंद मजलिस ए तहफ़्फ़ुज़ ख़तमे नबुव्वत और तमाम ख़ुद्दाम दार-उल-उलूम की तरफ़ से वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन जनाब अफ़ज़ल ख़ुसरो ब्याबानी और मजलिस तहफ़्फ़ुज़ ख़तमे नबुव्वत आंधरा प्रदेश शाख़ कल हिंद मजलिस तहफ़्फ़ुज़ ख़तमे नबुव्वत दार-उल-उलूम देवबंद को दिल्ली मुबारकबाद पेश करता हूँ।

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