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क़ुरआने मजीद का 410 साला क़दीम तरीन नुस्ख़ा

मैसूर 12 अगस्त क़ुरआन-ए-मजीद का क़दीम तरीन नुस्ख़ा बरामद हुवा है जो समझा जाता हैके मुग़्लिया दौर का है। मैसूर डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 10 रुकनी टोली के क़बज़े से ये नुस्ख़ा बरामद किया।

सुपरिन्टेन्डेन्ट पुलिस अभीनो खरे ने बताया कि इस टोली ने हैदराबाद में नामालूम अफ़राद से ये नुस्ख़ा हासिल किया और वो 5 करोड़ रुपये में उसे फ़रोख़त करने की कोशिश कर रही थी।

जब हमें वीडीयोज़ के ज़रीये क़ुरआन-ए-मजीद के इस नुस्ख़ा को फ़रोख़त करने के बारे में इत्तेला मिली तो पुलिस टीम ने ख़ुद को ख़रीदार के तौर पर पेश करते हुए इन तमाम को गिरफ़्तार कर लिया।

मशहूर मुअर्रिख़ प्रोफेसर बी शेख़ अली जो प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद थे बताया कि क़ुरआन-ए-मजीद का ये नुस्ख़ा मुग़ल हुक्मराँ अकबर के दौर का है। ये 604 सफ़हात पर मुश्तमिल है और उसे ख़त्ताती का एक शाहकार नमूना कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस नुस्खे़ के आख़िरी सफ़ा पर तारीख़ 1050 हिज्री दर्ज है।

जिससे साफ़ ज़ाहिर हैके ये नुस्ख़ा 1605 का है। हिन्दुस्तान में इस वक़्त मुग़्लिया दौर था और जहांगीर के जांनशीन के तौर पर अकबर तख़्त नशीन थे। प्रोफेसर शेख़ अली ने कहा कि तारीख़ के अलावा आख़िरी सफ़ा पर उस वक़्त की मज़हबी शख़्सियतों के हक़ में ईसाल-ए-सवाब का भी ज़िक्र है। उन्होंने कहा कि आज तक उन्होंने एसा क़दीम तरीन नुस्ख़ा कभी नहीं देखा।

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