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कांग्रेस और चीफ मिनिस्टर पर तन्क़ीद, लेकिन सोनिया गांधी की मद्हसराई

मजलिस ए इत्तेहाद उल मुस्लिमीन ने आंध्र प्रदेश की कांग्रेस हुकूमत पर सिंह परिवार के कारकुनों को मनमानी करने की इजाज़त देने का इल्ज़ाम आइद करते हुए मर्कज़ की यू पी ए हुकूमत और रियासत में कांग्रेस की हुकूमत की ताईद से दसतबरदारी का एला

मजलिस ए इत्तेहाद उल मुस्लिमीन ने आंध्र प्रदेश की कांग्रेस हुकूमत पर सिंह परिवार के कारकुनों को मनमानी करने की इजाज़त देने का इल्ज़ाम आइद करते हुए मर्कज़ की यू पी ए हुकूमत और रियासत में कांग्रेस की हुकूमत की ताईद से दसतबरदारी का एलान किया है।

एम आई एम के सदर और हैदराबाद के एम पी असदुद्दीन ऒवैसी ने आर एस एस कारकुनों को पिछले रोज़ चारमीनार से मुत्तसिल मज़हबी ढांचा पर ताट पट्रि (साइबान) नसब करने की इजाज़त दिये जाने पर सख़्त एतराज़ किया है और कहा कि ये जूं का तूं मौक़िफ़ बरक़रार रखने से मुताल्लिक़ रियासती हाईकोर्ट के हुक्म की ख़िलाफ़वरज़ी है।

असदुद्दीन ऒवैसी ने यहां अख़बारी नुमाइंदों से बात चीत करते हुए इल्ज़ाम आइद किया कि मुस्लिम अक़लीयतों को निशाना बनाया जा रहा है और संघ‌ परिवार के कारकुनों को आज़ाद छोड़ दिया गया है। एम आई एम इन हालात में कांग्रेस की ताईद जारी रखने की मुतहम्मिल नहीं है।

आंध्र प्रदेश क़ानूनसाज़ असेम्बली में एम आई एम के सात अरकान हैं और लोक सभा में एक रुकन (असदुद्दीन ऒवैसी ) हैं। 294 रुकनी रियासती असेम्बली में कांग्रेस के 155 अरकान हैं और उस को एक आज़ाद रुकन की ताईद हासिल है। ताईद से एम आई एम की दसतबरदारी से अगरचे रियासती हुकूमत को फ़ौरी तौर पर कोई ख़तरा लाहक़ नहीं है, लेकिन इस के इस्तिहकाम को ख़तरा लाहक़ होसकता है।

क्योंकि कांग्रेस के तीन अरकान असेम्बली ने हाल ही में अपनी वफ़ादारी को वाई एस आर कांग्रेस से वाबस्ता करदिया है। कड़पा एम पी जगन मोहन रेड्डी की वाई एस आर कांग्रेस पार्टी से मुफ़ाहमत के बारे में एक सवाल पर असद उवैसी ने रास्त जवाब नहीं दिया और कहा कि किरण मेरे दोस्त थे और जगन मेरे दोस्त हैं।

चुनाव‌ के मौके पर ही मालूम होगा कि मुफ़ाहमत किससे की जाएगी। आई एन उन के मुताबिक़ मजलिस इत्तेहाद उल मुस्लिमीन ने पीर‌ को एलान किया कि किरण कुमार रेड्डी हुकूमत के ज़वाल को वो यक़ीनी बनाएगी। मजलिस की आमिला के बैठक‌ के बाद एक पुरहजोम प्रेस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए मजलिस के सदर असद उद्दीन उवैसी ने कहा कि एम आई एम मर्कज़ में कांग्रेस के ज़ेर क़ियादत यू पी ए हुकूमत और आंध्र प्रदेश में कांग्रेस की हुकूमत की ताईद से दस्तबरदार होचुकी है।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से वाक़िफ़ करने के लिए सदर जमहूरीया को एक खत‌ फैक्स करते हुए मुलाक़ात के लिए वक़्त देने की ख़ाहिश की गई है। एम आई एम अरकान असेम्बली भी रियासती गवर्नर ए एस एल नरसिम्हन से मुलाक़ात करते हुए किरण कुमार रेड्डी हुकूमत की ताईद से दसतबरदारी के फैसले से वाक़िफ़ करवाएंगे।

असदुद्दीन ऒवैसी ने कहा कि किरण कुमार रेड्डी हुकूमत के फ़िर्खापरस्त रवैय्या और इस पर मर्कज़ के गैर फैसला कुन-ओ-मजहूल रवैय्या के सबब हम ये फैसला करने पर मजबूर होगए हैं। असद उवैसी ने कांग्रेस की रियासती हुकूमत और चीफ मिनिस्टर को अगरचे सख़्त तरीन तन्क़ीद का निशाना बनाया, लेकिन यू पी ए की सदर नशीन सोनिया गांधी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मजलिस इत्तेहाद उलमुस्लिमीन को यु पी ए का एक हिस्सा बनने का मौक़ा फ़राहम किए जाने पर वो इन (सोनिया गांधी) के शुक्र गुज़ार हैं।

असदुद्दीन ऒवैसी ने कहा कि हममरकज़ में कांग्रेस के ज़ेर क़ियादत यू पी ए और रियासत में कांग्रेस हुकूमत की ताईद से दस्तबरदार होरहे हैं, लेकिन मुहतरमा सोनिया गांधी का बदस्तूर एहतिराम करते हैं। उन्होंने कहा कि किरण कुमार हुकूमत चूँकि सैकूलर नहीं रही है, इस लिए वो बादल नख़्वास्ता यू पी ए से अलैहदगी इख़तियार कररहे हैं। ये फैसला इस लिए भी किया गया है कि इन हालात में यू पी ए के साथ रहने का कोई जवाज़ नहीं है।

चीफ़ मिनिस्टर की सख़्त अलफ़ाज़ में मज़म्मत करते हुए असदुद्दीन ऒवैसी ने कहा कि उन्हों ने (किरण कुमार रेड्डी) फ़िर्खापरस्त अनासिर की हौसलाअफ़्ज़ाई करते हुए साबिक़ वज़ीर-ए-आज़म पी वे नरसिम्हा राव‌ की मौत के बाद पैदा शूदा ख़ला को पर करदिया है।

उन्होंने कहा कि नरसिम्हा राव‌ ने बाबरी मस्जिद के इन्हिदाम की इजाज़त दी थी और किरण कुमार रेड्डी ने हाईकोर्ट अहकाम की ख़िलाफ़वरज़ी करते हुए भाग्य लक्ष्मी मंदिर बनाने की इजाज़त दी है। उवैसी ने कहा कि 1998 में बी जे पी से तलगुदेशम पार्टी की मुफ़ाहमत के बाद मजलिस ने कांग्रेस से मुफ़ाहमत की थी।

मजलिस और मुस्लमानों की ताईद से 2004 के इंतिख़ाबात में कांग्रेस बरसर-ए-इक़तिदार आई थी। दीगर एजैंसीज़ के मुताबिक़ ताहम उन्होंने जूं का तूं मौक़िफ़ रखने के लिए अदालती अहकाम के बावजूद शमशाबाद में मस्जिद उम्र फ़ारोक़ की मार्च 2007में शहादत, 18 मई 2007 को मक्का मस्जिद धमाकों, माबाद धमाके पुलीस फायरिंग में मुस्लिम नौजवानों की हलाकतों, पुराने शहर के बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों की गिरफ्तारियों, 25 अगसट 2007 को लुंबिनी पार्क और गोकुल चाट भंडार धमाकों की तहकीकात में बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों को पुलीस हिरासानी को यकलख़्त नज़रअंदाज करते हुए सिर्फ़ ये कहा कि 2010 से फ़िर्खापरस्त अनासिर की तरफ‌ से मुस्लिम तबक़ा को निशाना बनाया जा रहा है।

(किरण कुमार रेड्डी) ने सिर्फ़ 2010 से मुख़्तलिफ़ मुक़द्दमात में मुस्लमानों को निशाना बनाए जाने के कई वाक़ियात का तफ़सीली तज़किरा किया और इल्ज़ाम आइद किया कि सिर्फ़ 2010 से ही पुलीस की तरफ‌ से अकलेती तबक़ा के नौजवानों के ख़िलाफ़ मुक़द्दमात दर्ज करते हुए उन्हें हिरासाँ किया जा रहा है।……

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