Monday , December 18 2017

कांग्रेस की कई हलीफ़ जमातों का बी जे पी से रब्त

बी जे पी लीडर नितिन गडकरी ने ये दावा किया है कहियो पी ए में शामिल बाअज़ जमाअतें रब्त क़ायम रखी हुई हैं और मुजव्वज़ा लोक सभा इंतेख़ाबात में बी जे पी को 175 नशिस्तें हासिल होने की सूरत में बाअज़ साबिक़ा हलीफ़ जमाअतें दुबारा एन डी ए में वापस

बी जे पी लीडर नितिन गडकरी ने ये दावा किया है कहियो पी ए में शामिल बाअज़ जमाअतें रब्त क़ायम रखी हुई हैं और मुजव्वज़ा लोक सभा इंतेख़ाबात में बी जे पी को 175 नशिस्तें हासिल होने की सूरत में बाअज़ साबिक़ा हलीफ़ जमाअतें दुबारा एन डी ए में वापसी कर सकती हैं।

साबिक़ बी जे पी सदर नीतीन गडकरी ने असेम्बली इंतेख़ाबात में पार्टी के शानदार मुज़ाहिरे का यक़ीन ज़ाहिर किया। उन्होंने जासूसी तनाज़े के पस-ए-मंज़र में नरेंद्र मोदी को विज़ारत-ए-उज़मा उम्मीदवार की हैसियत से तब्दील करने का मुतालिबा खारिज‌ कर दिया। उन्होंने कांग्रेस पर अपने मुख़ालिफ़ीन की तौहीन-ओ-तज़हीक की सियासत का इल्ज़ाम आइद किया।

नितिन गडकरी ने एक इंटरव्यू में कहा कहियो पी ए दरअसल डूबती कशती है। उन्होंने कहा कि हम तमाम जमातों से बात करेंगे और उन से रब्त बरक़रार है। नितिन गडकरी ने कहा कि जब क्षति हिचकोले खाने लगती है तो इस में सवार लोग पानी की लहरों को देख कर अपनी नशिस्तों पर जम कर बैठ जाते हैं और जब पानी ख़तरे के निशान से बढ़ने लगता है तो वो कप्तान से माज़रत करते हुए कशती छोड़ना शुरू कर देते हैं।

ये सब जानते हैं कि क्षति छोड़ने वाले कौन हैं? उन्होंने उसकी मज़ीद सर अहित नहीं की। एन सी पी, नेशनल कान्फ्रेंस और आर एल डी, कांग्रेस ज़ेरे क़ियादत यू पी ए हुकूमत की अहम हलीफ़ जमाअतें हैं। नेशनल कान्फ्रेंस ने पहले ही कह दिया है कि उसे बी जे पी से कोई लेना देना नहीं है।

आर एल डी माज़ी में बी जे पी हलीफ़ रह चुकी है। एन सी पी के सरबराह शरद पवार ने 12 अक्टूबर को गडकरी के पूर्ति ग्रुप की नागपुर में मुनाक़िदा तक़रीब में शिरकत की थी। वहां उन्होंने कहा था कि सियासत में कोई भी अछूत नहीं होता। तृणमूल कांग्रेस, डी एम के और जय वे एम (पी) ने पहले ही यू पी ए से अलैहदगी इख़तियार करली है।

गडकरी से जब ये पूछा गया कहियो पी ए की कोई हलीफ़ जमात क्या उस वक़्त बी जे पी से रब्त रखे हुए है? उन्होंने कहा कि कई जमातों से रब्त बरक़रार है। इमकानी हलीफ़ों के बारे में उन्होंने याद दिलाया कि जब अटल बिहारी वाजपाई वज़ीर-ए-आज़म थे, एन डी ए में कई हलीफ़ जमाअतें शामिल थीं।

उन्होंने कहा कि जब हम करिश्माती अदद 175 पर पहुंच जाएंगे तो वो जमाअतें जो हमें छोड़ चुकी हैं, अज़खु़द वापिस आ जाएंगी। गडकरी ने सियासत को आसानी, सहूलत, पेचीदगी, महिदूद और तज़ादात पर मबनी गेम से ताबीर किया। जब उन से हरियाणा में आई एन डी एल के साथ इत्तिहाद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फ़िलहाल इसी कोई तजवीज़ नहीं है।बी जे पी इन रियासतों में तमाम नशिस्तों पर मुक़ाबला करेगी।

TOPPOPULARRECENT