कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर वामपंथीयों में मतभेद, नहीं बन रही बात

कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर वामपंथीयों में मतभेद, नहीं बन रही बात

नई दिल्ली। माकपा के पोलित ब्यूरो की बैठक में इस बात पर सहमति नहीं बन पाई कि बीजेपी नीत सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए कांग्रेस और अन्य धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के साथ राजनीतिक तालमेल किया जाए या नहीं।

पोलित ब्यूरो की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन रविवार को दो राजनीतिक प्रस्ताव पेश किए गए। इनमें एक प्रस्ताव पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी और दूसरा प्रस्ताव उनके पूर्ववर्ती प्रकाश कारत ने पेश किया। इनमें आने वाले तीन वषर्षो के दौरान पार्टी के राजनीतिक दिशा को लेकर सुझाव दिए गए हैं।

कोलकाता में होने वाली माकपा की 22वीं कांग्रेस के दौरान केंद्रीय समिति के सामने इन प्रस्तावों को विचार के लिए रखा जाएगा। अगले साल 19–21 जनवरी के बीच यह बैठक होगी।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि हालांकि, कांग्रेस और अन्य पार्टियों से तालमेल को लेकर पोलित ब्यूरो में सहमति नहीं बनी है। लेकिन, फिर भी इस पर चर्चा जारी रहेगी ताकि केंद्रीय समिति के सामने एक प्रस्ताव रखा जा सके।

पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि पोलित ब्यूरो किसी सहमति पर नहीं पहुंच सका लेकिन किसी सहमति पर पहुंचने तक पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रयास जारी रखेंगे ताकि केन्द्रीय समिति के पास एक नोट भेजा जा सके।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि येचुरी ने अपने नोट में जोर दिया, ‘‘कांग्रेस के साथ कोई राजनीतिक तालमेल नहीं होने’’ के वाक्य को प्रारूप से हटाया जाना चाहिए ताकि आरएसएस-भाजपा के खिलाफ धर्मनिरपेक्ष ताकतों की एकजुटता के लिए मार्ग प्रशस्त किया जा सके।

Top Stories