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काटजू का बेहूदा बयान: सर सैय्यद अहमद खां को बताया “ब्रिटिश एजेंट”

नई दिल्ली: पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैय्यद अहमद खां पर उंगली उठाते हुए उन्हें को अंग्रेजों के हाथ कठपुतली बताया। काटजू का कहना है कि अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी का बनना अंग्रेजों की फूट डालो, शासन करो नीति का हिस्सा थी। मैं इन दोनों यूनिवर्सिटीज के संस्थापकों को ब्रिटिश सरकार का हिस्सा मानता हूँ।

मुझे यह समझ नहीं आता भला कोई यूनिवर्सिटी हिंदू या मुस्लिम कैसे हो सकती है और पढाई को हम हिंदू-मुस्लिम के आधार पर कैसे बाँट सकते हैं। काटजू ने कहा कि ‘सर सैय्यद अहमद खां ने अंग्रेजों की फूट डालने नीति को आगे बढ़ाते हुए भारत को बहुत नुकसान पहुंचाया है।

1857 की क्रांति के वक्त वह ब्रिटिश शासन के लिए ही वफादार थे इसलिए क्रांतिकारियों को गलत मानते थे। साल 1869 में सर सैय्यद अहमद खां को ब्रिटिश सरकार की तरफ से ऑर्डर ऑफ स्टार इंडिया सम्मान दिया जाना इस बात का सबूत है क्योंकि अगर वह उनके वफादार न होते तो उनको ये सम्मान न दिया जाता।

इसके साथ ही काटजू ने उनके खिलाफ बोलते लोगों पर कमान कसते हुए कहा कि मैं अक्सर जो बातें कहता हूं उसे लोग पसंद नहीं करते। लेकिन मैं जो भी कहता हूँ साथ में ही उसका कारण बताता हूँ और जिन्हें मेरी बातें सही नहीं लगती वह भी अपने कारण बताएं।

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