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काम करने के लिये अभी तक छह माह का ही वक़्त मिला : हेमंत सोरेन

यौमे ज़महूरिया पर 26 जनवरी सुबह नौ बजे मोरहाबादी मैदान में वजीरे आला हेमंत सोरेन ने परचम फहराया। सेक्युर्टी फोरसेस की मुश्तरका परेड का मुआइना भी किया। यह दूसरा मौका है जब वजीरे आला ने झंडोतोलन किया। गोवर्नर की सेहत खराब होने की वजह

यौमे ज़महूरिया पर 26 जनवरी सुबह नौ बजे मोरहाबादी मैदान में वजीरे आला हेमंत सोरेन ने परचम फहराया। सेक्युर्टी फोरसेस की मुश्तरका परेड का मुआइना भी किया। यह दूसरा मौका है जब वजीरे आला ने झंडोतोलन किया। गोवर्नर की सेहत खराब होने की वजह से तकरीब के मुकाम पर नहीं पहुंच पाये और वजीरे आला को झण्डा फहराना पड़ा। हेमंत सोरेन ने तमाम रियासत के बाशिंदों का इस्तकबाल काबुल किया। उन्होंबने यौमे जम्हूरिय की ढेरों मुबारकबाद दी।

सोरेन इतवार को यहां 65 वें यौमे जम्हूरिया के मौके पर मोरहावादी मैदान में क़ौमी परचम फहराने के बाद कहा कि हम एक ऐसे रियासत की तामीर करना चाहते है जो डर, भूख, बदउनवान, दहशतगर्द से आज़ाद हो। उन्होंने कहा कि उनकी हुकूमत को काम करने के लिये अभी तक छह माह का ही वक़्त मिल सका है, लेकिन इस कम मुद्दत में हुकूमत ने आम लोगों की जरूरतों को जेहन में रखकर कुछ नयी मंसूबों की शुरुआत की है ताकि इलाक़े का ज़्यादा से ज़्यादा तरक़्क़ी हो सकें और तरक़्क़ी की मेन स्ट्रीम से कटी हुयी गरीब अवाम के ज़िंदगी में मेयारी बेहतरी लाया जा सकें।

सोरेन ने कहा कि झारखंड मुजाहेरीन को एहतेराम देने की सिम्त में गुवा गोली कांड के शहीदों के आठ कुनबों को सरकारी नौकरी देकर हमने 33 साल पुराने वायदे को निभाया है।

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